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भारत में विरासत टैक्स लगाने का समर्थन: कांग्रेस नेता का बयान सुर्खियों में आया, बीजेपी ने बना लिया बड़ा मुद्दा

jantaserishta.com
24 April 2024 4:19 AM GMT
भारत में विरासत टैक्स लगाने का समर्थन: कांग्रेस नेता का बयान सुर्खियों में आया, बीजेपी ने  बना लिया बड़ा मुद्दा
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नई दिल्ली: इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा (Sam Pitroda) ने विरासत टैक्स (Inheritance Tax) को लेकर एक बयान दिया है, जिस पर अब विवाद खड़ा हो गया है. उनके इस बयान पर बीजेपी हमलावर हो गई है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने बीते दिनों एक बयान में कहा था कि अगर चुनाव बाद उनकी सरकार सत्ता में आई तो एक सर्वे कराया जाएगा और पता लगाया जाएगा कि किसके पास कितनी संपत्ति है. उनके इस बयान के बारे में जब सैम पित्रोदा से पूछा गया तो उन्होंने अमेरिका में लगने वाले विरासत टैक्स का जिक्र किया.
पित्रोदा ने कहा कि अमेरिका में विरासत टैक्स लगता है. अमेरिकी सरकार 55 फीसदी हिस्सा ले लेती है. संपत्ति जनता के लिए छोड़नी चाहिए. सैम पित्रोदा ने कहा कि अमेरिका में विरासत टैक्स लगता है. अगर किसी शख्स के पास 10 करोड़ डॉलर की संपत्ति है. उसके मरने के बाद 45 फीसदी संपत्ति उसके बच्चों को ट्रांसफर हो जाती है जबकि 55 फीसदी संपत्ति पर सरकार का मालिकाना हक हो जाता है.
उन्होंने कहा कि ये बहुत ही रोचक कानून है. इसके तहत प्रावधान है कि आपने अपने जीवन में खूब संपत्ति बनाई है और आपके जाने के बाद आपको अपनी संपत्ति जनता के लिए छोड़नी चाहिए. पूरी संपत्ति नहीं बल्कि आधी, जो मुझे सही लगता है. लेकिन भारत में ऐसा कोई कानून नहीं है. यहां अगर किसी के पास 10 अरब रुपये की संपत्ति है. उसके मरने के बाद उनके बच्चों को सारी की सारी संपत्ति मिल जाती है, जनता के लिए कुछ नहीं बचता. मुझे लगता है कि इस तरह के मुद्दों पर लोगों को चर्चा करनी चाहिए. मुझे नहीं पता कि इस चर्चा का निचोड़ क्या निकलेगा. हम नई नीतियों और नए प्रोग्राम की बात कर रहे हैं, जो लोगों के हित में हो ना कि सिर्फ अमीरों के हित में हो.
सैम पित्रोदा ने कहा कि राहुल गांधी ने या कांग्रेस के घोषणापत्र में अमीरों की संपत्ति बांटने का कहीं कोई जिक्र नहीं है. बल्कि ये कहा गया है कि कांग्रेस पार्टी ऐसी पॉलिसी बनाएगी, जिससे संपत्ति का समान वितरण होगा. जैसे, भारत में न्यूनतम मजदूरी नहीं है. आज क्या हो रहा है कि अमीर लोग चपरासियों या अपने हाउस हेल्प को पर्याप्त वेतन नहीं देते हैं लेकिन वे उस पैसे को दुबई या लंदन में खर्च कर देते हैं. जब आप धन के वितरण की बात करते हैं, तो ऐसा नहीं है कि आप बैठकर कहो कि मेरे पास इतना पैसा है और मैं इसे सभी में बांट दूंगा. इस तरह की सोच बेकार है.
बीजेपी प्रवक्ता अमित मालवीय ने कहा कि कांग्रेस ने देश को बर्बाद करने का फैसला कर लिया है. अब, सैम पित्रोदा 50 फीसदी विरासत टैक्स की वकालत कर रहे हैं. इसका मतलब है कि अगर कांग्रेस राज आता है तो लोगों ने कड़ी मेहनत से जितनी भी संपत्ति अर्जित की है, उसका पचास फीसदी छीन लिया जाएगा. इसके अलावा जो भी टैक्स हम देते हैं, वो भी बढ़ेगा.
कांग्रेस ने 5 अप्रैल को अपना घोषणापत्र जारी किया था. इसे कांग्रेस ने 'न्याय पत्र' नाम दिया है. इसमें कहीं भी संपत्ति बांटने का जिक्र नहीं किया गया है. कांग्रेस के घोषणापत्र में 'हिस्सेदारी न्याय' नाम से एक चैप्टर है. इसमें लिखा है, 'कांग्रेस पार्टी पिछले सात दशकों से समाज के पिछड़े, वंचित, पीड़ित और शोषित वर्गों एवं जातियों के हक और अधिकार के लिए सबसे अधिक मुखरता के साथ आवाज़ उठाती रही है. कांग्रेस लगातार उनकी प्रगति के लिए प्रयास करती रही है. लेकिन जाति के आधार पर होने वाला भेदभाव आज भी हमारे समाज की हकीकत है. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग देश की आबादी के लगभग 70% हैं, लेकिन अच्छी नौकरियों, अच्छे व्यवसायों और ऊँचे पदों पर उनकी भागीदारी काफी कम है. किसी भी आधुनिक समाज में जन्म के आधार पर इस तरह की असमानता, भेदभाव और अवसर की कमी बर्दाश्त नहीं होनी चाहिए.'
इसमें आगे लिखा है, 'कांग्रेस राष्ट्रव्यापी आर्थिक-सामाजिक जाति जनगणना करवाएगी. इसके माध्यम से कांग्रेस जातियों, उपजातियों और उनकी आर्थिक-सामाजिक स्थिति का पता लगाएगी. जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर कांग्रेस उनकी स्थिति में सुधार के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी.'
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