मुंबई : भारतीय शेयर बाजार के लिए 10 से 14 अगस्त तक का कारोबारी सप्ताह काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम के साथ-साथ घरेलू आर्थिक आंकड़े और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। निवेशकों की नजर खास तौर पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव, कच्चे तेल की कीमतों, खुदरा और थोक महंगाई के आंकड़ों तथा अलग-अलग कंपनियों की कारोबारी गतिविधियों पर रहेगी।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है। फिलहाल दोनों देशों के बीच हमले रुके हुए हैं, लेकिन स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इसी वजह से कच्चे तेल की कीमतें करीब 83 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव का असर देश के व्यापार घाटे, महंगाई और कई कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है।
घरेलू मोर्चे पर अगले सप्ताह खुदरा महंगाई और थोक महंगाई के आंकड़े जारी किए जाएंगे। महंगाई के आंकड़े अर्थव्यवस्था में मांग और आपूर्ति की स्थिति का महत्वपूर्ण संकेत देते हैं। निवेशक इन आंकड़ों के जरिए यह समझने की कोशिश करेंगे कि महंगाई का दबाव किस दिशा में जा रहा है। अगर आंकड़े बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रहते हैं तो निवेशकों का भरोसा मजबूत हो सकता है, जबकि उम्मीद से खराब आंकड़े बाजार में दबाव बढ़ा सकते हैं।
इसके अलावा कंपनियों के तिमाही नतीजे भी बाजार की चाल को प्रभावित करेंगे। 10 से 14 अगस्त के कारोबारी सप्ताह में स्काईगोल्ड, बॉश, बॉम्बे डाइंग, डॉलर, डीबीएल, आईटीडीसी, वोडाफोन आइडिया, आइडियाफोर्ज, हिंदुस्तान कॉपर, लिंडे इंडिया, वीगार्ड, जी, बाटा इंडिया, ईपैक, ईपीएल, आईएफसीआई और जेएनके इंडिया समेत कई कंपनियों से जुड़े अपडेट और नतीजों पर निवेशकों की नजर रहेगी। इन कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन, आय, मुनाफे और आगे के कारोबारी अनुमान का असर संबंधित शेयरों में देखने को मिल सकता है।
भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता सप्ताह भी सकारात्मक रहा। निफ्टी 187.05 अंक यानी 0.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,570.65 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स में 404.53 अंक यानी 0.52 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई और यह 78,499.17 के स्तर पर बंद हुआ। इस दौरान व्यापक बाजार में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 548.25 अंक यानी 0.87 प्रतिशत की तेजी के साथ 63,463.55 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 528.15 अंक यानी 2.73 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की गई और यह 19,867.80 के स्तर पर पहुंच गया। इससे संकेत मिलता है कि पिछले सप्ताह निवेशकों ने बड़े शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी दिलचस्पी दिखाई।
सेक्टर के लिहाज से निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स रहा और इसमें 5.01 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी इंडिया डिफेंस में 4.30 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 3.70 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो में 3.14 प्रतिशत और निफ्टी आईटी में 2.73 प्रतिशत की मजबूती रही। निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग 2.04 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटीज 1.32 प्रतिशत, निफ्टी इंफ्रा 1.01 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी 0.64 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
हालांकि सभी सेक्टरों में तेजी नहीं रही। निफ्टी मीडिया इंडेक्स में 3.94 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी रियल्टी 1.72 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 0.48 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.47 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर 0.28 प्रतिशत कमजोर रहे।
आने वाले सप्ताह में निवेशकों को वैश्विक बाजारों के संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखनी होगी। इसके साथ ही कंपनियों के तिमाही नतीजे भी अलग-अलग शेयरों में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकते हैं। ऐसे में बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निवेशकों के लिए किसी एक फैक्टर के बजाय सभी प्रमुख संकेतकों को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण होगा। बाजार में तेजी बनी रहती है या मुनाफावसूली देखने को मिलती है, इसका संकेत अगले सप्ताह आने वाले आर्थिक और कारोबारी आंकड़ों से मिल सकता है।
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