टाटा ग्रुप में बड़े बदलाव के बीच TATA Steel की कंपनी की हुई डील
TATA Steel की कंपनी बिक्री से चर्चा में आई पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप से जुड़ी एक कंपनी को लेकर कारोबारी जगत में चर्चा तेज हो गई है। टाटा स्टील की सहायक कंपनी टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स से जुड़ी एक इकाई का सौदा महज 100 रुपये में होने की खबर सामने आई है। इस सौदे में एक पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी के स्वामित्व वाली कंपनी खरीदार के रूप में सामने आई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह लेनदेन कॉरपोरेट पुनर्गठन प्रक्रिया का हिस्सा है। टाटा स्टील समूह अपनी कारोबारी रणनीति के तहत कई इकाइयों की समीक्षा कर रहा है और इसी क्रम में कुछ परिसंपत्तियों को अलग करने या हस्तांतरित करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
जिस कंपनी की बिक्री हुई है, वह टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स से जुड़ी इकाई बताई जा रही है। सौदे की कीमत 100 रुपये होने के कारण यह मामला चर्चा में आया है। हालांकि, ऐसे कॉरपोरेट सौदों में कीमत के अलावा कंपनी की देनदारियां, परिसंपत्तियां और भविष्य की जिम्मेदारियां भी महत्वपूर्ण होती हैं। खरीदार कंपनी का संबंध झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की बेटी से बताया जा रहा है। यह सौदा कारोबारी और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, कई बार बड़ी कंपनियां अपनी गैर-प्रमुख संपत्तियों को रणनीतिक कारणों से कम कीमत पर हस्तांतरित करती हैं। इसमें मुख्य उद्देश्य व्यवसाय को सरल बनाना, लागत कम करना या किसी इकाई से बाहर निकलना हो सकता है।
टाटा स्टील लंबे समय से अपने कारोबार को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुनर्गठन कर रही है। कंपनी का फोकस मुख्य इस्पात कारोबार, लागत नियंत्रण और भविष्य की विकास योजनाओं पर है। इस सौदे को लेकर बाजार विशेषज्ञों की नजर इस बात पर है कि खरीदार कंपनी इस इकाई को किस तरह आगे बढ़ाती है और इससे भविष्य में क्या कारोबारी बदलाव देखने को मिलते हैं।