पटना: खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षित भंडारण की जांच के दौरान पटना में रिलायंस रिटेल, फ्लिपकार्ट और बिग बास्केट से संबंधित वेयरहाउस में खामियां सामने आई हैं। खाद्य संरक्षा विभाग के निरीक्षण में स्वच्छता, सामग्री रखने की व्यवस्था और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी कमियां दर्ज की गईं। संबंधित प्रतिष्ठानों को सुधार के लिए 14 दिनों का समय दिया गया है। तय अवधि में कमियां दूर नहीं होने पर खाद्य लाइसेंस निलंबित करने और आगे नियमानुसार रद्द करने की कार्रवाई हो सकती है। 
यह कार्रवाई संबंधित गोदामों में निरीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर की गई है। फिलहाल लाइसेंस रद्द होने की बात सामने नहीं आई है। विभाग ने सुधार का अवसर देते हुए अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। ऐसे में अगला महत्वपूर्ण कदम यह होगा कि प्रतिष्ठान निर्धारित समय में कमियां दूर करके उसका प्रमाण प्रस्तुत करते हैं या नहीं।
रिलायंस के जेठूली गोदाम में मिली गंदगी
पटना सिटी के मौजा जेठूली स्थित रिलायंस रिटेल लिमिटेड के वेयरहाउस में निरीक्षण के दौरान कोल्ड स्टोरेज में खाद्य पदार्थ खुले रखे मिले। फर्श की सफाई में कमी और स्टोर में कबूतरों की मौजूदगी से फैली गंदगी भी दर्ज की गई। अधिकारियों ने यहां से मलाई पनीर का नमूना लेकर गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। 
गोदाम में सफाई की कमी मिलना और किसी खाद्य नमूने का गुणवत्ता जांच में असफल होना अलग-अलग निष्कर्ष हैं। नमूना भेजे जाने का मतलब उसकी गुणवत्ता पर अंतिम फैसला होना नहीं है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही उस नमूने के बारे में स्पष्ट निष्कर्ष निकाला जा सकेगा। निरीक्षण में दर्ज स्वच्छता संबंधी कमियों को दूर करने की जिम्मेदारी संबंधित प्रतिष्ठान की होगी।
दीदारगंज में साथ रखी मिलीं खाद्य और अखाद्य वस्तुएं
रिलायंस के दीदारगंज स्थित दूसरे प्रतिष्ठान में खाद्य सामग्री और अखाद्य वस्तुएं एक साथ रखी मिलीं। भंडारण के लिए जरूरी स्वच्छ वातावरण में भी कमी पाई गई। यहां से हल्दी और मिर्च पाउडर के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। दोनों रिलायंस प्रतिष्ठानों को सुधार करने तथा अनुपालन संबंधी प्रमाण अभिहित पदाधिकारी के कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। 
इस प्रक्रिया में केवल सफाई कर देना पर्याप्त मान लिया जाएगा, ऐसा निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। नोटिस में जिन कमियों का उल्लेख होगा, उनके अनुसार व्यवस्था सुधारनी होगी। संबंधित कार्यालय को दिए जाने वाले प्रमाण से यह स्पष्ट होना चाहिए कि निरीक्षण के दौरान सामने आई समस्याओं का समाधान किस तरह किया गया है।
फ्लिपकार्ट गोदाम में चाय के पैकेटों पर रोक
बिहटा स्थित फ्लिपकार्ट वेयरहाउस में 500 ग्राम वाले चाय के पैकेटों और उनके कार्टन पर दर्ज बैच नंबर में अंतर पाया गया। इसके बाद 293 पैकेटों की बिक्री रोक दी गई। इनकी अनुमानित कीमत 84,970 रुपये बताई गई है। अधिकारियों ने चायपत्ती का नमूना भी जांच के लिए लिया है। 
बैच नंबर में अंतर मिलने पर संबंधित खेप की पहचान और रिकॉर्ड का मिलान महत्वपूर्ण हो जाता है। हालांकि, इस अनियमितता को अपने आप मिलावट का प्रमाण नहीं कहा जा सकता। बिक्री पर रोक और नमूने की जांच दो अलग कदम हैं। आगे की स्थिति संबंधित रिकॉर्ड तथा प्रयोगशाला के निष्कर्षों से स्पष्ट होगी।
कई खाद्य पदार्थ विनष्टीकरण के लिए सौंपे
फ्लिपकार्ट वेयरहाउस में उपयुक्त भंडारण व्यवस्था के अभाव में मिले खाद्य पदार्थों में केक-पेस्ट्री के 31 पीस, आटे के 170 पैकेट, कुकीज के 70 पैकेट, कॉफी के 60 पैकेट और चिप्स के 24 पैकेट शामिल हैं। अन्य सामग्री सहित इनकी अनुमानित कीमत 48,210 रुपये है। संबंधित एजेंसी ने इन्हें अधिकृत कंपनी को विनष्टीकरण के लिए सौंपा। 
इसके अलावा 550 टोट बॉक्स, यानी सर्विस बॉक्स, गंदे और क्षतिग्रस्त पाए गए। विभाग ने इनके इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगा दी। इन बॉक्स की अनुमानित कीमत 2,67,500 रुपये बताई गई है। गोदाम से चायपत्ती और हल्दी पाउडर के नमूने भी संग्रहित किए गए हैं। 
बिग बास्केट में दस्तावेज और जल निकासी की कमी
मंहगूपुर चिरौरा स्थित बिग बास्केट वेयरहाउस में कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र निरीक्षण के समय उपलब्ध नहीं मिले। जल निकासी की समुचित व्यवस्था का अभाव भी दर्ज हुआ। अधिकारियों ने टोफू, बारबेक्यू सॉस और जीरा पाउडर के नमूने प्रयोगशाला भेजे। प्रतिष्ठान को कमियां दूर करने के लिए 14 दिनों का सुधार नोटिस दिया गया है। 
विभाग ने सुरक्षित भंडारण, स्वच्छता और गुणवत्ता संबंधी मानकों का पालन कराने के लिए निरीक्षण जारी रखने की बात कही है। आगे की कार्रवाई में सुधार संबंधी अनुपालन और नमूनों की जांच रिपोर्ट अहम होंगी। फिलहाल सामने आए निष्कर्ष विशिष्ट प्रतिष्ठानों और संबंधित सामग्री तक सीमित हैं; इन्हें कंपनियों के सभी उत्पादों या देशभर के गोदामों पर लागू नहीं किया जा सकता। उपभोक्ताओं के लिए भी किसी उत्पाद पर निष्कर्ष निकालते समय उसकी पहचान, बैच और जांच की स्थिति समझना जरूरी है।
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