बिज़नेस :  भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 2 नवंबर को सप्ताह की शुरुआत शानदार तेजी के साथ हुई। घरेलू शेयर बाजार खुलते ही निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 1000 अंक से ज्यादा उछल गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 23,300 के महत्वपूर्ण स्तर के पार पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी ने कुछ ही समय में निवेशकों की संपत्ति में करीब 6 लाख करोड़ रुपये का इजाफा कर दिया। रिलायंस इंडस्ट्रीज समेत कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली।
सोमवार को कारोबार की शुरुआत से ही बाजार में खरीदारी का माहौल बना रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक एक प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। निवेशकों ने बैंकिंग, मेटल, ऑटो, ऊर्जा और अन्य प्रमुख क्षेत्रों के शेयरों में दिलचस्पी दिखाई। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर करीब 480 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इससे बाजार में तेजी का फायदा बड़ी संख्या में निवेशकों को मिला।
सेंसेक्स और निफ्टी में शानदार उछाल
सोमवार सुबह शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 1000 अंकों से अधिक की तेजी दर्ज की। वहीं निफ्टी 50 भी 23,300 के स्तर को पार करने में सफल रहा। सुबह करीब 10 बजे सेंसेक्स लगभग 970 अंक यानी 1.30 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,429.53 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसी समय निफ्टी करीब 260 अंक यानी 1.13 प्रतिशत चढ़कर 23,313.20 पर पहुंच गया था।
बाजार में इस तेजी के दौरान निवेशकों ने बड़े और मजबूत शेयरों में जमकर खरीदारी की। बाजार की चौड़ाई भी सकारात्मक बनी रही। यानी गिरावट वाले शेयरों की तुलना में तेजी दर्ज करने वाले शेयरों की संख्या काफी अधिक रही। इससे संकेत मिला कि तेजी केवल कुछ चुनिंदा कंपनियों तक सीमित नहीं थी, बल्कि बाजार के कई हिस्सों में खरीदारी देखने को मिली।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों ने दिखाई ताकत
सोमवार की तेजी में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों की अहम भूमिका रही। कंपनी के शानदार तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों ने इसके शेयरों में जमकर खरीदारी की। शुरुआती कारोबार में रिलायंस के शेयरों में 5 से 6 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई। कंपनी के बेहतर वित्तीय प्रदर्शन ने बाजार के माहौल को मजबूत करने में मदद की।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही में 25,548 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा 18,165 करोड़ रुपये था। इस तरह कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर लगभग 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
इसके अलावा जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली। कंपनी के तिमाही नतीजों में शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। बाजार में रिलायंस समूह की कंपनियों के अच्छे प्रदर्शन का सकारात्मक असर देखने को मिला।
इन कंपनियों के शेयरों में भी आई तेजी
सोमवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के अलावा टाटा स्टील के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी हुई। टाटा स्टील के शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 4 प्रतिशत तक चढ़ गए। इसके साथ ही एनटीपीसी, मारुति सुजुकी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), पावर ग्रिड, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), एशियन पेंट्स, टीसीएस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एलएंडटी, भारती एयरटेल और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में भी बढ़त देखने को मिली।
हालांकि, बाजार की इस तेजी के बीच कुछ कंपनियों के शेयरों में दबाव भी रहा। सन फार्मा के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इससे स्पष्ट हुआ कि बाजार में सभी क्षेत्रों में एक जैसी तेजी नहीं थी।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से मिला सहारा
शेयर बाजार में तेजी की एक बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भी रही। सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी देखने को मिली। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी हुई थी। ऐसे में ईरान और कतर के अधिकारियों के बीच बातचीत तथा संभावित कूटनीतिक समाधान की उम्मीदों ने तेल की कीमतों पर दबाव बनाया।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता होने से देश के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। यही वजह है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट को भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत के संकेत के रूप में देखा गया।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बढ़ा भरोसा
बाजार में तेजी के पीछे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण दबाव बना हुआ था। हालांकि, हाल के कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों की गतिविधियों में बदलाव देखने को मिला है।
उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने पिछले शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में करीब 3,599 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की थी। लगातार खरीदारी से घरेलू बाजार के प्रति निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। इसके अलावा रुपये में मजबूती और वैश्विक बाजारों से मिल रहे सकारात्मक संकेतों ने भी बाजार को सहारा दिया।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
सोमवार की तेजी ने निवेशकों के पोर्टफोलियो को मजबूत किया, लेकिन बाजार विशेषज्ञों के अनुसार केवल एक दिन की तेजी के आधार पर निवेश का फैसला करना सही नहीं होगा। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कंपनियों के तिमाही नतीजे आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में आई जोरदार तेजी ने निवेशकों को बड़ी राहत दी। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मजबूत नतीजे, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने बाजार में उत्साह बढ़ाया। हालांकि, निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे बाजार की तेजी देखकर जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन और अपने जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखकर निवेश करें।
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