Mumbai मुंबई : कीमती धातुओं के बाजार में मंगलवार को फिर तेजी देखने को मिली। सोने और चांदी दोनों में रिकवरी दर्ज की गई, जिसके चलते इनके दाम में आधा प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों के रुख और निवेशकों की खरीदारी के बीच घरेलू वायदा बाजार में सोने की कीमतों में मजबूती देखने को मिली।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अगस्त 2026 का कॉन्ट्रैक्ट तेजी के साथ खुला। सोने का यह कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग कीमत 1,40,309 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 640 रुपये की बढ़त के साथ 1,40,949 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला।
शुरुआती कारोबार में सोने की कीमतों में और मजबूती आई। सुबह 9:47 बजे तक एमसीएक्स पर सोना 742 रुपये यानी 0.53 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,41,051 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
कारोबार के दौरान सोने ने अब तक 1,40,796 रुपये प्रति 10 ग्राम का निचला स्तर और 1,41,294 रुपये प्रति 10 ग्राम का ऊंचा स्तर छुआ। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में सोने को लेकर खरीदारी का रुझान मजबूत बना हुआ है।
सोने के साथ-साथ चांदी में भी तेजी का माहौल देखने को मिला। निवेशकों की ओर से कीमती धातुओं में रुचि बढ़ने से चांदी की कीमतों में भी सुधार दर्ज किया गया। हालांकि, चांदी के सटीक भाव में उतार-चढ़ाव कारोबार के दौरान जारी रहा।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, डॉलर की मजबूती या कमजोरी, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और भू-राजनीतिक घटनाक्रम सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारण हैं। अनिश्चित माहौल में निवेशक अक्सर सोने को सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देखते हैं, जिससे इसकी मांग बढ़ सकती है।
इसके अलावा, घरेलू बाजार में त्योहारी और निवेश मांग भी सोने की कीमतों पर असर डालती है। भारत में सोना केवल निवेश का माध्यम ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व रखने वाली धातु भी है। शादी और त्योहारों के मौसम में इसकी मांग बढ़ने की संभावना रहती है।
चांदी की मांग भी औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी होने के कारण महत्वपूर्ण बनी हुई है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य औद्योगिक इस्तेमाल में चांदी की बढ़ती मांग कीमतों को समर्थन दे सकती है।
हाल के दिनों में सोने और चांदी में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। ऐसे में निवेशक बाजार की दिशा पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आगे भी अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और वैश्विक आर्थिक संकेत कीमती धातुओं की कीमतों की चाल तय करेंगे।
मंगलवार की तेजी ने निवेशकों को राहत दी है, लेकिन बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। विशेषज्ञ निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय बाजार की स्थिति और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखकर कदम उठाने की सलाह दे रहे हैं।