बिजनेस : सोने और चांदी की कीमतों में जुलाई महीने के दौरान लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कभी अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी तो कभी डॉलर की मजबूती के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। जुलाई के आखिरी कारोबारी दिन यानी 31 जुलाई को सोने और चांदी के दाम में गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 24 कैरेट सोने का भाव गिरकर 1,42,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, एमसीएक्स सिल्वर फ्यूचर का भाव 2,19,200 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड और स्पॉट सिल्वर के दाम में करीब 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव लगभग 4,075 डॉलर प्रति औंस और चांदी का भाव 58.40 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा था। हालांकि शनिवार को एमसीएक्स में साप्ताहिक अवकाश रहता है, इसलिए घरेलू वायदा बाजार में कारोबार नहीं हुआ।
इंडियन बुलियंस एंड ज्वैलर्स की ओर से जारी कीमतों के मुताबिक, शुक्रवार शाम को 24 कैरेट सोने का भाव 1,42,860 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। वहीं, 23 कैरेट सोने की कीमत 1,42,288 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। इसके अलावा 22 कैरेट सोने का भाव 1,30,860 रुपये प्रति 10 ग्राम, 18 कैरेट सोने का भाव 1,07,145 रुपये प्रति 10 ग्राम और 14 कैरेट सोने का भाव 83,573 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
चांदी की बात करें तो शुक्रवार शाम को इसका भाव 2,18,295 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। हालांकि, इन कीमतों में अभी 3 प्रतिशत जीएसटी और ज्वैलरी बनाने का मेकिंग चार्ज शामिल नहीं किया गया है। ऐसे में ग्राहकों को आभूषण खरीदते समय अंतिम कीमत इससे अधिक चुकानी पड़ सकती है।
देश के प्रमुख शहरों में भी सोने के भाव में मामूली अंतर देखने को मिला। राजधानी दिल्ली में सोने का भाव करीब 14,476 रुपये प्रति ग्राम के स्तर पर रहा। वहीं, मुंबई में सोने की कीमत लगभग 14,461 रुपये प्रति ग्राम दर्ज की गई। चेन्नई और कोलकाता में भी सोना करीब 14,461 रुपये प्रति ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में आई गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती को माना जा रहा है। जब डॉलर मजबूत होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ता है, क्योंकि अन्य मुद्राओं में सोना खरीदना महंगा हो जाता है। इसके चलते निवेशक कई बार सोने से दूरी बनाकर अन्य विकल्पों की ओर रुख करते हैं।
हाल के वैश्विक घटनाक्रमों का असर भी सोने की कीमतों पर पड़ा है। युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के समय आमतौर पर सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में डॉलर की मजबूती और बाजार में बदलते रुझानों के कारण सोने में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों पर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, डॉलर की स्थिति, ब्याज दरों और वैश्विक घटनाओं का असर देखने को मिल सकता है। अगर डॉलर में कमजोरी आती है और वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है तो सोने की कीमतों में फिर तेजी लौट सकती है। वहीं, डॉलर मजबूत रहने की स्थिति में कीमती धातुओं पर दबाव जारी रह सकता है।
निवेशकों के लिए सोना हमेशा से एक महत्वपूर्ण विकल्प रहा है, जबकि आम ग्राहकों के लिए शादी और त्योहारों के सीजन में सोने-चांदी की कीमतों में बदलाव काफी मायने रखता है। फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और निवेशकों की नजर आने वाले कारोबारी संकेतों पर टिकी हुई है।