Jio IPO Listing: देश की दिग्गज टेलीकॉम और डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में ऐतिहासिक लिस्टिंग के दौरान एक ऐसा भावुक पल देखने को मिला, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को मुंबई में आयोजित लिस्टिंग समारोह में रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी ने अपने संबोधन में जियो के कर्मचारियों, ग्राहकों और परिवार के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि जियो की सफलता के पीछे केवल बड़े निवेश और तकनीक ही नहीं, बल्कि उन कर्मचारियों की मेहनत भी है, जिन्होंने तेज धूप और बारिश में मोबाइल टावरों पर चढ़कर नेटवर्क तैयार किया। अनंत के भाषण के दौरान उनके पिता और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी भावुक नजर आए। समारोह में ईशा अंबानी के संबोधन ने भी उन्हें भावुक कर दिया।
धूप और बारिश में काम करने वाले कर्मचारियों को दिया सफलता का श्रेय
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग सेरेमनी में अनंत अंबानी ने कंपनी के कर्मचारियों की मेहनत को विशेष रूप से याद किया।उन्होंने कहा कि जियो को आज जिस मुकाम पर देखा जा रहा है, उसके पीछे हजारों कर्मचारियों का समर्पण और वर्षों की मेहनत है।अनंत ने उन तकनीशियनों का जिक्र किया, जो खराब मौसम के बावजूद मोबाइल टावरों पर चढ़कर नेटवर्क से जुड़े काम करते रहे।उन्होंने फील्ड टीम, इंजीनियरों, सर्विस कर्मचारियों, स्टोर टीमों और रिटेल पार्टनर्स के योगदान की सराहना की।अनंत ने कहा कि आज जियो जिस स्थिति में है, उसमें इन सभी लोगों और उनके परिवारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
उन्होंने कर्मचारियों को संदेश दिया कि यह उपलब्धि उनकी मेहनत की सफलता है। उनके मुताबिक, कंपनी की तरक्की का श्रेय केवल नेतृत्व को नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मिलना चाहिए।
53 करोड़ ग्राहकों को किया नमन, बोले- जियो आपने बनाया
अनंत अंबानी ने अपने भाषण में जियो के करोड़ों ग्राहकों का भी आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि जियो के 53 करोड़ ग्राहक कंपनी के सबसे बड़े सहयोगी हैं। इन ग्राहकों के विश्वास और समर्थन ने जियो को देश की प्रमुख डिजिटल कंपनियों में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अनंत ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य केवल कारोबार बढ़ाना नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के डिजिटल सपनों को पूरा करने में योगदान देना है।उनके मुताबिक, देश के लोगों ने जियो को अपनाया और उसे आगे बढ़ने का अवसर दिया।उन्होंने ग्राहकों को भरोसा दिलाया कि कंपनी आगे भी डिजिटल कनेक्टिविटी और नई तकनीकों के माध्यम से उनके जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में काम करती रहेगी।गौरतलब है कि अनंत के संबोधन में 53 करोड़ ग्राहकों का उल्लेख था। यह संख्या जियो के ग्राहक आधार को दर्शाती है, न कि 58 करोड़ अलग-अलग परिवारों को।
अनंत की बात सुनकर मुकेश अंबानी की आंखें हुईं नम
समारोह का सबसे भावुक क्षण उस समय सामने आया, जब अनंत और ईशा अंबानी ने रिलायंस समूह की पुरानी यात्रा और परिवार के योगदान को याद किया।मुकेश अंबानी अपनी पत्नी नीता अंबानी के साथ कार्यक्रम में मौजूद थे।जैसे ही उनके बच्चों ने धीरूभाई अंबानी के सपनों, परिवार के संघर्ष और जियो की सफलता की चर्चा की, मुकेश अंबानी भावुक हो गए।समारोह से सामने आए वीडियो में उन्हें अपनी आंखें पोंछते देखा गया।अनंत ने अपने संबोधन में दादा धीरूभाई अंबानी के संघर्ष और पिता मुकेश अंबानी की दूरदृष्टि का विशेष उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि रिलायंस की मौजूदा सफलता के पीछे परिवार की कई पीढ़ियों के सपने और मूल्यों का योगदान रहा है।यह अवसर अंबानी परिवार के लिए कारोबारी उपलब्धि के साथ भावनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण बन गया।
कारोबार को पूजा बताया, शेयर बाजार की घंटी की मंदिर से तुलना
अपने भाषण के दौरान अनंत अंबानी ने कारोबार को लेकर अपनी व्यक्तिगत सोच भी साझा की।उन्होंने कहा कि उनके लिए कारोबार केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि सेवा और जिम्मेदारी से जुड़ा कार्य है।अनंत ने शेयर बाजार में लिस्टिंग के मौके पर बजने वाली घंटी की तुलना मंदिर की घंटी से की।
उन्होंने कारोबार को पूजा की तरह बताते हुए कहा कि जिस प्रकार पूजा के बाद प्रसाद साझा किया जाता है, उसी तरह जियो की इस उपलब्धि को भी देश के लोगों के साथ साझा किया जा रहा है।अनंत ने अपने दादा, दादी, माता-पिता और परिवार से मिले संस्कारों का भी उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि रिलायंस भविष्य में नए सपने देखती रहेगी, लेकिन उसके मूल सिद्धांत परिवार की पिछली पीढ़ियों से मिले मार्गदर्शन पर आधारित रहेंगे।
ईशा, आकाश और अनंत ने दिया एकजुटता का संदेश
अनंत अंबानी ने अपने भाषण में अपने बड़े भाई आकाश अंबानी और बहन ईशा अंबानी का भी जिक्र किया।उन्होंने कहा कि तीनों भाई-बहन अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं, लेकिन उनका उद्देश्य एक ही है।उन्होंने ग्राहकों, निवेशकों और कर्मचारियों के विश्वास को बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई।वहीं, ईशा अंबानी ने अपने संबोधन में वर्ष 1977 का उल्लेख किया, जब धीरूभाई अंबानी ने रिलायंस का पहला सार्वजनिक निर्गम पेश किया था।ईशा ने बताया कि उस समय उनके पिता मुकेश अंबानी की उम्र केवल 20 वर्ष थी और वह कंपनी के पहले आईपीओ से जुड़े कार्यों में हिस्सा ले रहे थे।उन्होंने अपने पिता के नेतृत्व और रिलायंस को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनके योगदान की सराहना की।वहीं, आकाश अंबानी ने निवेशकों के भरोसे को बनाए रखने और दीर्घकालिक विकास पर ध्यान देने की बात कही।
शेयर बाजार में जियो की शानदार शुरुआत
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रही।कंपनी के आईपीओ का इश्यू प्राइस 1,119 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया था। बुधवार को शेयर ने लगभग 21 प्रतिशत प्रीमियम के साथ बाजार में शुरुआत की।इस लिस्टिंग ने जियो को भारतीय शेयर बाजार की सबसे मूल्यवान कंपनियों की श्रेणी में पहुंचा दिया।जियो प्लेटफॉर्म्स दूरसंचार के अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।कंपनी ने वर्ष 2016 में दूरसंचार सेवाएं शुरू की थीं और एक दशक में 50 करोड़ से अधिक ग्राहकों का आधार तैयार किया।जियो की इस उपलब्धि के पीछे देश में मोबाइल इंटरनेट की बढ़ती मांग और डिजिटल सेवाओं का तेजी से विस्तार भी महत्वपूर्ण रहा है।
विकसित भारत के सपने को आगे बढ़ाने का संकल्प
अनंत अंबानी ने अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में भारत के डिजिटल भविष्य और युवाओं की भूमिका पर भी बात की।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया पहल का उल्लेख करते हुए इसके लिए आभार व्यक्त किया।अनंत ने कहा कि भारत के भविष्य में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और रिलायंस विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देने का प्रयास करेगी।उन्होंने भरोसा जताया कि जियो आने वाले समय में नई तकनीकों, बेहतर कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाओं के जरिए अपनी यात्रा जारी रखेगी।
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के दौरान अनंत अंबानी का संबोधन इस बात के लिए चर्चा में रहा कि उन्होंने कंपनी की उपलब्धि का श्रेय कर्मचारियों और ग्राहकों को दिया। वहीं, अपने बच्चों को रिलायंस की विरासत और भविष्य के बारे में बोलते देखकर मुकेश अंबानी का भावुक होना समारोह के सबसे यादगार पलों में शामिल रहा।