Multibagger डिफेंस स्टॉक से कचोलिया का एग्जिट

Update: 2026-07-24 08:41 GMT

मुंबई :   डिफेंस, न्यूक्लियर और एयरोस्पेस सेक्टर में काम करने वाली कंपनी वालचंदनगर इंडस्ट्रीज (Walchandnagar Industries) को लेकर बाजार में चर्चा तेज हो गई है। इसकी वजह दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया का कंपनी की जून तिमाही की शेयरहोल्डिंग सूची से नाम गायब होना है। मार्च 2026 तिमाही तक कंपनी में उनकी 1.54 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, लेकिन अब ताजा शेयरहोल्डिंग पैटर्न में उनका नाम दिखाई नहीं दे रहा है। इससे बाजार में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने या तो अपनी हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से नीचे कर ली है या फिर पूरी हिस्सेदारी बेच दी है।

मार्च तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, आशीष कचोलिया के पास वालचंदनगर इंडस्ट्रीज के लगभग 10.45 लाख शेयर थे। चूंकि किसी भी निवेशक का नाम तभी सार्वजनिक शेयरहोल्डिंग पैटर्न में दिखता है जब उसकी हिस्सेदारी 1 प्रतिशत या उससे अधिक हो, इसलिए जून तिमाही में नाम नहीं होने का मतलब है कि उन्होंने अपनी हिस्सेदारी काफी हद तक कम कर दी है या पूरी तरह बाहर निकल गए हैं। हालांकि, कंपनी या निवेशक की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

आशीष कचोलिया को भारतीय शेयर बाजार में एक सफल निवेशक माना जाता है और उनके निवेश फैसलों पर निवेशकों की खास नजर रहती है। ऐसे में किसी कंपनी से उनकी हिस्सेदारी कम होने या बाहर निकलने की खबर बाजार में चर्चा का विषय बन जाती है। खासकर तब, जब कंपनी डिफेंस और एयरोस्पेस जैसे तेजी से उभरते क्षेत्रों में काम कर रही हो।

शुक्रवार को वालचंदनगर इंडस्ट्रीज के शेयरों में भी हलचल देखने को मिली। बीएसई पर कंपनी का शेयर 233.80 रुपये के स्तर पर खुला और कारोबार के दौरान 239.95 रुपये तक पहुंच गया। पिछले छह महीनों में कंपनी के शेयरों में करीब 56 प्रतिशत की तेजी आई है, जो निवेशकों के लिए आकर्षक रही है। हालांकि, एक वर्ष की अवधि में कंपनी का प्रदर्शन अपेक्षाकृत सीमित रहा और इस दौरान शेयर ने लगभग 15 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।

कंपनी के दीर्घकालिक प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले तीन वर्षों में इस स्टॉक ने लगभग 156 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। वहीं, पांच वर्षों में निवेशकों को करीब 243 प्रतिशत का लाभ मिला है। हालांकि, 10 वर्षों की अवधि में कंपनी का रिटर्न केवल 57 प्रतिशत रहा है, जो यह दर्शाता है कि लंबे समय में शेयर की चाल काफी उतार-चढ़ाव वाली रही है।

वालचंदनगर इंडस्ट्रीज का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 315.85 रुपये रहा है, जबकि 52 सप्ताह का न्यूनतम स्तर 131.05 रुपये दर्ज किया गया है। वर्तमान में कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग 1,618 करोड़ रुपये है। डिफेंस और एयरोस्पेस क्षेत्र में सरकार के बढ़ते निवेश तथा स्वदेशी निर्माण को प्रोत्साहन मिलने से इस क्षेत्र की कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।

कंपनी के कॉरपोरेट इतिहास की बात करें तो वालचंदनगर इंडस्ट्रीज ने आखिरी बार वर्ष 2015 में अपने निवेशकों को लाभांश (डिविडेंड) दिया था। उस समय कंपनी ने प्रति शेयर 0.40 रुपये का डिविडेंड घोषित किया था। इसके अलावा, वर्ष 2008 में कंपनी ने एक शेयर पर एक बोनस शेयर भी जारी किया था। यह कंपनी के इतिहास में पहला और अब तक का आखिरी बोनस इश्यू रहा है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आशीष कचोलिया जैसे बड़े निवेशकों की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी होता है, लेकिन किसी भी निवेश निर्णय से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, कारोबार की संभावनाओं और जोखिमों का गहन अध्ययन करना भी उतना ही आवश्यक है।

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