नई दिल्ली: मंगलवार को वैश्विक कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में तेजी आई और ये पांच महीने के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गईं। इसकी वजह यह है कि खाड़ी क्षेत्र में जहाजों पर हमले, हूती विद्रोहियों के नए हमले और ईरान से जुड़े बढ़ते तनाव के कारण ट्रेडर्स अभी भी 'जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम' (भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम) को कीमतों में शामिल कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क 'ब्रेंट क्रूड' की कीमत 0.48 प्रतिशत या 53 सेंट बढ़कर 110.08 डॉलर प्रति बैरल हो गई। पिछले सत्र में यह 110.70 डॉलर तक पहुंच गई थी, जो 20 मई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
वहीं, अमेरिकी 'वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट' (WTI) क्रूड की कीमत 0.46 प्रतिशत या 45 सेंट बढ़कर 99 डॉलर प्रति बैरल हो गई।
यमन में एक सैन्य प्रशिक्षण शिविर पर हूती विद्रोहियों के नए हमलों और सऊदी अरब की ऊर्जा सुविधाओं, हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए हमलों से भी कच्चे तेल की कीमतों को समर्थन मिला।
इसके अलावा, इस साल अब तक ब्रेंट क्रूड की कीमतों में लगभग 80 प्रतिशत की तेजी आई है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव, साथ ही रूस-यूक्रेन युद्ध के तेज होने से ऊर्जा की आपूर्ति बाधित हुई है और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आवाजाही को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
शिपिंग ट्रैकिंग फर्म 'केप्लर' (Kpler) के अनुसार, पिछले दो हफ्तों में कम से कम 18 जहाजों पर हमले हुए हैं, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में 'रिस्क प्रीमियम' बना हुआ है।
हालांकि, खाड़ी देशों से होने वाला निर्यात धीरे-धीरे फिर से पटरी पर आ रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने कहा है कि कच्चे तेल की आपूर्ति युद्ध-पूर्व स्तर के लगभग 80 प्रतिशत तक वापस आ गई है, हालांकि रिफाइंड उत्पादों (जैसे पेट्रोल-डीजल) की शिपमेंट अभी भी सीमित है।
इस बीच, इराक के तेल मंत्री ने बताया कि इस महीने अब तक देश से कच्चे तेल का निर्यात 3.4 मिलियन बैरल प्रति दिन से अधिक हो गया है। इराक द्वारा क्षेत्रीय बेंचमार्क कीमतों की तुलना में भारी छूट देने के बाद, निर्यात की मात्रा अब युद्ध-पूर्व स्तर के करीब पहुंच रही है।
घरेलू स्तर पर, दशहरा के कारण कमोडिटी एक्सचेंज सुबह के सत्र में बंद हैं।
'मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया' (MCX) पूरे दिन के लिए बंद नहीं रहेगा। हालांकि, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक ट्रेडिंग बंद रहेगी और शाम के सत्र के लिए यह शाम 5 बजे फिर से खुल जाएगा।
निवेशक शाम के सत्र के दौरान सोना, चांदी, कच्चा तेल और बेस मेटल्स जैसी कमोडिटीज में ट्रेड कर सकेंगे। गौरतलब है कि घरेलू इक्विटी बाजार बंद रहेंगे, क्योंकि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के प्रमुख सेगमेंट में ट्रेडिंग निलंबित रहेगी।
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