बिजनेस : केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है। लाखों सरकारी कर्मचारियों की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद उनकी सैलरी, भत्तों और पेंशन में कितना बदलाव आएगा। इसी बीच 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोग लगातार अलग-अलग क्षेत्रों के कर्मचारियों, संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों से बातचीत कर उनकी राय और सुझाव जुटा रहा है।
अगर तय समय के अनुसार काम आगे बढ़ता है तो 8वां वेतन आयोग अगले साल की पहली छमाही में अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंप सकता है। आयोग की कोशिश है कि वह निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंप दे। इसी दिशा में आयोग ने बैठकों का सिलसिला दोबारा शुरू कर दिया है।
8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक नोटिस जारी कर बताया है कि आयोग सितंबर 2026 में केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ का तीन दिवसीय दौरा करेगा। इस दौरान आयोग कर्मचारी संगठनों, यूनियनों, प्रतिनिधि समूहों और अन्य हितधारकों के साथ बैठक कर उनकी मांगों और सुझावों को सुनेगा।
जारी अधिसूचना के अनुसार, 8वां वेतन आयोग 16 सितंबर से 18 सितंबर 2026 तक चंडीगढ़ में रहेगा। इस दौरान पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ से जुड़े केंद्र सरकार के कर्मचारी संगठन, यूनियन, संस्थान, पेंशनर्स और अन्य संबंधित लोग आयोग के सामने अपनी बात रख सकेंगे।
आयोग ने अपने नोटिस में कहा है कि जो भी संबंधित पक्ष वेतन आयोग के साथ बातचीत करना चाहते हैं, वे बैठक के लिए अपना अनुरोध भेज सकते हैं। इसमें केंद्र सरकार और केंद्र शासित प्रदेशों के संगठन, संस्थान, कर्मचारी संघ, यूनियन, व्यक्तिगत प्रतिनिधि और पेंशनभोगी शामिल हो सकते हैं।
बैठक में शामिल होने के इच्छुक लोगों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना आवेदन जमा करना होगा। आयोग ने इसके लिए अंतिम तारीख 25 अगस्त 2026 तय की है। इच्छुक पक्षों को इससे पहले अपना अनुरोध भेजना होगा, ताकि बैठक का समय निर्धारित किया जा सके।
इससे पहले 8वें वेतन आयोग ने देश के अन्य प्रमुख स्थानों पर भी बैठकें आयोजित करने की योजना बनाई है। आयोग ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अलावा चेन्नई (तमिलनाडु) और पुडुचेरी में भी बैठकों को लेकर जानकारी साझा की थी। इन बैठकों का उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों के कर्मचारियों और संगठनों की समस्याओं, मांगों और सुझावों को समझना है।
केंद्रीय कर्मचारी लंबे समय से नए वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं। वेतन आयोग के गठन के बाद सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर, बेसिक सैलरी में संभावित बढ़ोतरी, महंगाई भत्ता, हाउस रेंट अलाउंस और अन्य भत्तों को लेकर होती है। हालांकि, इन सभी मुद्दों पर अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।
वेतन आयोग की बैठकों का यह दौर इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं और मांगों को सीधे तौर पर शामिल किया जाएगा। कर्मचारी संगठनों को उम्मीद है कि आयोग उनकी मांगों को ध्यान में रखते हुए ऐसी सिफारिशें तैयार करेगा, जिससे सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को आर्थिक राहत मिल सके।
फिलहाल 8वां वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। आने वाले महीनों में आयोग की ओर से और भी बैठकें आयोजित की जा सकती हैं। अब कर्मचारियों की नजर आयोग की अंतिम सिफारिशों और केंद्र सरकार के फैसले पर बनी हुई है।