बिजनेस : Inox Wind के शेयरों पर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजों का असर साफ देखने को मिल रहा है। कंपनी के कमजोर वित्तीय प्रदर्शन के बाद मंगलवार के कारोबारी सत्र में स्टॉक करीब 6 प्रतिशत तक लुढ़क गया। गिरावट के बीच कंपनी के शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गए। निवेशकों की नजर अब कंपनी के आगामी प्रदर्शन और ऑर्डर बुक पर बनी हुई है।
बीएसई पर Inox Wind के शेयर 75.10 रुपये के स्तर पर खुले थे। कारोबार के दौरान बिकवाली बढ़ने से शेयर का भाव 5.64 प्रतिशत तक गिरकर 73.57 रुपये पर पहुंच गया। यह कंपनी के शेयर का 52 हफ्ते का नया निचला स्तर है। कंपनी का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 159.25 रुपये रहा है। यानी मौजूदा भाव अपने एक साल के उच्च स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहा है।
कंपनी की ओर से जारी तिमाही आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में Inox Wind को 64.10 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 97.30 करोड़ रुपये था। इस तरह सालाना आधार पर कंपनी के मुनाफे में करीब 34.30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। मुनाफे में इतनी बड़ी कमी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है और इसका असर शेयर की कीमत पर दिखाई दे रहा है।
कंपनी के राजस्व में भी गिरावट देखने को मिली है। पहली तिमाही में Inox Wind का रेवेन्यू 814.10 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 826.30 करोड़ रुपये था। इस तरह कंपनी के राजस्व में सालाना आधार पर करीब 1.5 प्रतिशत की कमी आई है। रेवेन्यू में मामूली गिरावट के साथ मुनाफे में तेज कमी कंपनी के प्रदर्शन को लेकर बाजार की चिंता का प्रमुख कारण बन रही है।
कंपनी के EBITDA पर भी दबाव देखने को मिला है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पहली तिमाही में EBITDA करीब 17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 183.70 करोड़ रुपये रहा। EBITDA में गिरावट बताती है कि कंपनी के ऑपरेशनल प्रदर्शन पर भी दबाव रहा है। यही वजह है कि तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों ने स्टॉक में बिकवाली बढ़ा दी।
हालांकि, कंपनी के पास एक बड़ा ऑर्डर बुक भी मौजूद है। Inox Wind का ऑर्डर बुक करीब 4.4 गीगावॉट बताया गया है। यह कंपनी के भविष्य के कारोबार के लिए महत्वपूर्ण माना जा सकता है। अब बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी इस ऑर्डर बुक को कितनी तेजी से पूरा करती है और आने वाली तिमाहियों में इसका असर राजस्व तथा मुनाफे पर कितना दिखाई देता है।
शेयर के प्रदर्शन की बात करें तो Inox Wind के निवेशकों के लिए पिछले कुछ समय से स्थिति चुनौतीपूर्ण रही है। पिछले छह महीनों में कंपनी के शेयर करीब 32 प्रतिशत टूट चुके हैं। वहीं, एक साल की अवधि में स्टॉक में लगभग 46 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। दो साल की अवधि में भी निवेशकों को करीब 56 प्रतिशत का नुकसान हुआ है।
हालांकि लंबी अवधि में स्टॉक का प्रदर्शन पूरी तरह नकारात्मक नहीं रहा है। पिछले तीन साल में Inox Wind के शेयरों में करीब 39 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। पांच साल की अवधि में स्टॉक ने लगभग 137 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। इस अवधि में सेंसेक्स के करीब 44 प्रतिशत रिटर्न की तुलना में Inox Wind का प्रदर्शन बेहतर रहा है। इससे पता चलता है कि लंबी अवधि में स्टॉक ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया था, लेकिन हाल की गिरावट ने उस प्रदर्शन पर दबाव डाला है।
कंपनी अपने निवेशकों को बोनस शेयर भी दे चुकी है। वर्ष 2024 में Inox Wind के शेयर एक्स-बोनस ट्रेड हुए थे। उस समय कंपनी ने निवेशकों को एक शेयर के बदले तीन बोनस शेयर जारी किए थे। यह कंपनी की ओर से अब तक दिया गया पहला और आखिरी बोनस शेयर था।
फिलहाल कमजोर तिमाही नतीजों के बाद स्टॉक में दबाव बना हुआ है। निवेशकों के लिए कंपनी के मुनाफे, राजस्व, EBITDA और ऑर्डर बुक की प्रगति महत्वपूर्ण संकेतक रहेंगे। 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद आगे स्टॉक में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों को किसी भी फैसले से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों और जोखिमों का अध्ययन करना चाहिए।