SBI Funds की लिस्टिंग के बाद भी हिस्सेदारी रखेगा SBI

Update: 2026-07-21 10:37 GMT

नई दिल्ली। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की लिस्टिंग के बाद बैंक अपनी हिस्सेदारी कम करने की योजना नहीं बना रहा है। एसबीआई चेयरमैन सीएस शेट्टी ने मंगलवार को कंपनी की लिस्टिंग के बाद साफ किया कि बैंक लंबे समय तक एसबीआई फंड्स में अपनी भागीदारी बनाए रखेगा। उन्होंने कहा कि आईपीओ लाने का मुख्य उद्देश्य खुदरा निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में शामिल करना था, न कि हिस्सेदारी कम करना।

मुंबई में एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की लिस्टिंग के मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएस शेट्टी ने कहा कि कंपनी में एसबीआई की हिस्सेदारी घटाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने बताया कि यह आईपीओ बैंक की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत एसबीआई अपनी मजबूत सहायक कंपनियों में दीर्घकालिक मूल्य निर्माण करना चाहता है और आम निवेशकों को भी इन कंपनियों की ग्रोथ में भागीदार बनाना चाहता है।

उन्होंने कहा कि एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट में बैंक ने करीब 6,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। कंपनी की सफलता और मजबूत स्थिति के पीछे एसबीआई का लगातार समर्थन महत्वपूर्ण रहा है। शेट्टी ने कहा कि एसबीआई फंड्स को बाजार में सूचीबद्ध कराने का उद्देश्य निवेशकों को एक बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था, जिससे वे देश की तेजी से बढ़ती एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री का हिस्सा बन सकें।

एसबीआई चेयरमैन ने कंपनी के कॉरपोरेट गवर्नेंस पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने सूचीबद्ध कंपनी बनने से पहले ही मजबूत गवर्नेंस व्यवस्था को अपनाया था। एसबीआई और फ्रांस की प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनी अमुंडी के बीच लंबे समय से चली आ रही साझेदारी ने कंपनी के कामकाज और प्रबंधन को मजबूती प्रदान की है।

उन्होंने कहा कि किसी भी एसेट मैनेजमेंट कंपनी की सफलता केवल किसी एक म्यूचुअल फंड स्कीम के प्रदर्शन से तय नहीं होती, बल्कि निवेशकों के भरोसे, बेहतर प्रबंधन और लगातार अच्छे रिटर्न देने की क्षमता से होती है। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के लिए भविष्य में मजबूत फंड प्रदर्शन बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।

भविष्य की योजनाओं को लेकर सीएस शेट्टी ने कहा कि कंपनी अब बी30 शहरों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करेगी। बी30 शहरों का मतलब ऐसे शहर हैं जो म्यूचुअल फंड निवेश के लिहाज से देश के शीर्ष 30 शहरों के बाहर आते हैं। कंपनी का लक्ष्य इन क्षेत्रों में अपनी पहुंच बढ़ाना और ज्यादा से ज्यादा लोगों को निवेश के अवसरों से जोड़ना है।

उन्होंने कहा कि बी30 शहरों में विस्तार से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा और छोटे शहरों के निवेशकों को भी म्यूचुअल फंड जैसे आधुनिक निवेश विकल्पों की जानकारी और सुविधा मिल सकेगी। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आने वाले समय में निवेशकों का आधार बढ़ाने और देश के अलग-अलग हिस्सों तक अपनी सेवाएं पहुंचाने पर काम करेगा।

बता दें कि एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 613.30 रुपये प्रति शेयर के भाव पर सूचीबद्ध हुए। यह कीमत कंपनी के आईपीओ मूल्य 574 रुपये प्रति शेयर से अधिक रही। कंपनी का करीब 9,812.91 करोड़ रुपये का आईपीओ 14 जुलाई से 16 जुलाई तक खुला था और इसे निवेशकों का जबरदस्त समर्थन मिला। आईपीओ को कुल 41.66 गुना सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की लिस्टिंग को भारतीय वित्तीय क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैंक का कहना है कि कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए वह अपनी मौजूदा हिस्सेदारी बनाए रखेगा और बेहतर प्रदर्शन, मजबूत गवर्नेंस तथा नए क्षेत्रों में विस्तार पर ध्यान देगा।

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