नई दिल्ली। केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों के बीच आठवें वेतन आयोग को लेकर उम्मीदें बढ़ी हुई हैं। सबसे अधिक चर्चा फिटमेंट फैक्टर और उसके आधार पर न्यूनतम बेसिक सैलरी में होने वाली संभावित बढ़ोतरी की है। अलग-अलग अनुमानों में मौजूदा न्यूनतम बेसिक वेतन 18,000 रुपये के बढ़कर 32,400 रुपये से 69,000 रुपये तक पहुंचने की संभावना बताई जा रही है। हालांकि 69,000 रुपये का आंकड़ा अभी सरकार द्वारा तय या स्वीकृत वेतन नहीं है।
आठवें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन तीन नवंबर 2025 को किया गया था। इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। प्रोफेसर पुलक घोष को अंशकालिक सदस्य और पंकज जैन को सदस्य सचिव बनाया गया है। आयोग को गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करनी हैं। इसके अनुसार रिपोर्ट की समयसीमा मई 2027 के आसपास बनती है।
आयोग केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्तों, पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सुविधाओं की समीक्षा करेगा। आयोग आर्थिक परिस्थितियों, राजकोषीय अनुशासन, विकास और कल्याणकारी योजनाओं के लिए आवश्यक संसाधनों तथा राज्य सरकारों पर संभावित वित्तीय प्रभाव को ध्यान में रखकर अपनी सिफारिशें तैयार करेगा।
फिटमेंट फैक्टर वह गुणक होता है, जिससे मौजूदा बेसिक वेतन को गुणा करके संशोधित बेसिक वेतन का अनुमान निकाला जाता है। उदाहरण के लिए किसी कर्मचारी का मौजूदा बेसिक वेतन 18,000 रुपये है और फिटमेंट फैक्टर 2.00 निर्धारित किया जाता है तो संभावित नई बेसिक सैलरी 36,000 रुपये होगी।
मौजूदा न्यूनतम बेसिक वेतन 18,000 रुपये और न्यूनतम बेसिक पेंशन 9,000 रुपये के आधार पर संभावित गणना इस प्रकार है:
| फिटमेंट फैक्टर | संभावित बेसिक सैलरी | संभावित बेसिक पेंशन |
| -------------: | ------------------: | ------------------: |
| 1.80 | ₹32,400 | ₹16,200 |
| 1.92 | ₹34,560 | ₹17,280 |
| 2.00 | ₹36,000 | ₹18,000 |
| 2.08 | ₹37,440 | ₹18,720 |
| 2.57 | ₹46,260 | ₹23,130 |
| 2.86 | ₹51,480 | ₹25,740 |
| 3.833 | करीब ₹69,000 | करीब ₹34,500 |
तालिका में दिए गए सभी आंकड़े गणितीय अनुमान हैं। आयोग ने अभी कोई फिटमेंट फैक्टर घोषित नहीं किया है और केंद्र सरकार ने भी 3.833 के गुणक को मंजूरी नहीं दी है। इसलिए कर्मचारियों को 69,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी को निश्चित बढ़ोतरी नहीं मानना चाहिए।
बेसिक वेतन और कर्मचारी के बैंक खाते में आने वाली कुल मासिक सैलरी अलग-अलग होती है। कुल वेतन में महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, यात्रा भत्ता और पद तथा पोस्टिंग के अनुसार मिलने वाले अन्य लाभ शामिल होते हैं। कटौतियों के बाद मिलने वाली इन-हैंड सैलरी अलग हो सकती है।
नई वेतन व्यवस्था लागू होने पर मौजूदा महंगाई भत्ते और महंगाई राहत को संशोधित वेतन संरचना में समाहित या रीसेट किया जा सकता है। पिछले वेतन आयोगों में नई बेसिक सैलरी लागू होने के समय महंगाई भत्ते को शून्य से शुरू करने जैसी व्यवस्था अपनाई गई थी। आठवें वेतन आयोग में क्या प्रक्रिया होगी, यह उसकी अंतिम सिफारिशों और सरकारी अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगा।
आयोग की रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार उसकी वित्तीय और प्रशासनिक समीक्षा करेगी। सरकार सभी सिफारिशों को उसी रूप में स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं होती। मंजूरी के बाद ही संशोधित वेतन मैट्रिक्स, फिटमेंट फैक्टर, पेंशन, भत्ते और लागू होने की तारीख घोषित की जाएगी।
इसलिए 18,000 रुपये से सीधे 69,000 रुपये बेसिक वेतन होने का दावा अभी पक्का नहीं है। यह केवल 3.833 फिटमेंट फैक्टर पर आधारित संभावित गणना है। वास्तविक बढ़ोतरी आयोग की सिफारिश और केंद्र सरकार के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगी।