मुंबई : पेंट सेक्टर की कंपनी JSW Dulux ने मंगलवार को अपने निवेशकों के लिए बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी करने के साथ अपने शेयरों के स्टॉक स्प्लिट की घोषणा की है। कंपनी के बोर्ड ने मौजूदा शेयरों को 10 हिस्सों में बांटने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके बाद शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये से घटकर 1 रुपये हो जाएगी। स्टॉक स्प्लिट की खबर ऐसे समय आई है जब कंपनी के तिमाही प्रदर्शन में मुनाफे और रेवेन्यू दोनों में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, मंगलवार के कारोबार में कंपनी के शेयर में तेजी देखने को मिली और यह 3 फीसदी से अधिक उछलकर बंद हुआ।
कंपनी के मुताबिक अप्रैल से जून 2026 के दौरान उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 79.70 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी ने करीब 91 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। इस तरह सालाना आधार पर कंपनी के नेट प्रॉफिट में करीब 12.42 फीसदी की गिरावट आई है। मुनाफे में कमी के बावजूद कंपनी ने शेयरों के बंटवारे का फैसला किया है, जिसे निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण कॉरपोरेट एक्शन माना जा रहा है।
स्टॉक स्प्लिट के तहत एक मौजूदा शेयर को 10 शेयरों में बांटा जाएगा। इसके बाद कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये से घटकर 1 रुपये प्रति शेयर रह जाएगी। हालांकि, स्टॉक स्प्लिट से कंपनी की कुल वैल्यू अपने आप नहीं बढ़ती और निवेशक की कुल होल्डिंग की वैल्यू भी सामान्य तौर पर उसी अनुपात में समायोजित होती है। इसका मुख्य उद्देश्य शेयर की कीमत को छोटे निवेशकों के लिए अधिक सुलभ बनाना और बाजार में शेयरों की लिक्विडिटी बढ़ाना होता है।
कंपनी के तिमाही प्रदर्शन की बात करें तो पहली तिमाही में कुल रेवेन्यू भी घटा है। अप्रैल से जून के बीच कंपनी का कुल रेवेन्यू 965 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 993.10 करोड़ रुपये था। यानी रेवेन्यू में भी सालाना आधार पर कमी आई है। कंपनी का EBITDA भी करीब 14.40 फीसदी घटा है। इससे संकेत मिलता है कि तिमाही के दौरान कंपनी को कारोबारी स्तर पर कई दबावों का सामना करना पड़ा।
इसके बावजूद मंगलवार को शेयर बाजार में कंपनी के स्टॉक में खरीदारी देखने को मिली। बीएसई पर शेयर 3 फीसदी से अधिक की तेजी के साथ 3,157.10 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। पिछले छह महीनों में शेयर करीब 5.34 फीसदी मजबूत हुआ है। हालांकि, एक साल की अवधि में शेयर करीब 8.60 फीसदी नीचे है। दो साल में भी इसमें लगभग 5.66 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। तीन साल की अवधि में शेयर करीब 12 फीसदी ऊपर है, लेकिन इसी दौरान सेंसेक्स के करीब 19.64 फीसदी रिटर्न के मुकाबले इसका प्रदर्शन कमजोर रहा है। पांच साल की अवधि में कंपनी के शेयर ने करीब 47 फीसदी रिटर्न दिया है।
डिविडेंड के मामले में भी कंपनी अपने निवेशकों को पहले फायदा देती रही है। पिछले महीने कंपनी के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड कर चुके हैं और पात्र निवेशकों को एक शेयर पर 50 रुपये का डिविडेंड दिया गया था। इससे पहले 2025 में कंपनी के शेयर दो बार एक्स-डिविडेंड ट्रेड हुए थे और दोनों मौकों पर मिलाकर कुल 180 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया गया था।
कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी करीब 61.20 फीसदी है, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास लगभग 38.80 फीसदी हिस्सेदारी है। अब निवेशकों की नजर स्टॉक स्प्लिट की रिकॉर्ड डेट, एक्स-स्प्लिट डेट और कंपनी के आगे के कारोबारी प्रदर्शन पर रहेगी। खासतौर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मुनाफे और रेवेन्यू में आई गिरावट आने वाली तिमाहियों में थमती है या नहीं।
स्टॉक स्प्लिट किसी शेयर के भाव को कम जरूर करता है, लेकिन इससे कंपनी की वास्तविक वैल्यू अपने आप नहीं बढ़ती। इसलिए निवेशकों को केवल शेयर के सस्ता दिखने या मल्टीबैगर रिटर्न के पुराने आंकड़ों के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। कंपनी की कमाई, वैल्यूएशन, कर्ज, कैश फ्लो और भविष्य की ग्रोथ को ध्यान में रखना जरूरी है। यह खबर निवेश की सलाह नहीं है और शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है।