PMLA कोर्ट में वकील गिन्नीजीत मल्होत्रा के ज़रिए दायर शिकायत में, अहलूवालिया ने कहा कि पंजाब सरकार ने 17 अप्रैल, 2025 के एक आदेश के ज़रिए उन्हें मकान नंबर 926 आवंटित किया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि ED ने 23 सितंबर, 2026 को उसी दिन एक ऑथराइजेशन लेटर (अधिकार पत्र) जारी करने के बाद उनके परिसर की तलाशी ली। उन्होंने दावा किया कि ज़ब्ती मेमो में इस संपत्ति को ग़लत तरीके से अमरिंदर सिंह मल्ही की बता दिया गया, और उनकी अनुपस्थिति में अधिकारियों ने ज़बरदस्ती ताला तोड़ दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिसर को सील या फ्रीज़ करने के संबंध में उन्हें कोई सर्च ऑथराइजेशन, दर्ज किए गए कारण या दस्तावेज़ नहीं दिए गए।
अहलूवालिया ने तलाशी के रिकॉर्ड, ऑथराइजेशन, ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग, इस बात की घोषणा कि यह तलाशी बिना अधिकार क्षेत्र के की गई थी, और ज़िम्मेदार अधिकारियों के ख़िलाफ़ जाँच तथा कार्रवाई की माँग की है।