अंकित शर्मा केस: ताहिर हुसैन बोला- हाई कोर्ट से मिलेगी राहत

Update: 2026-07-31 13:49 GMT

नई दिल्ली। 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ताहिर हुसैन को हत्या, दंगा और आपराधिक षड्यंत्र समेत कई गंभीर धाराओं में दोषी ठहराया। फैसला सुनाए जाने के बाद ताहिर हुसैन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि हाई कोर्ट से उन्हें न्याय मिलेगा।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने इस मामले में ताहिर हुसैन समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ सुनवाई पूरी करने के बाद यह फैसला दिया। अदालत ने माना कि यह मामला बेहद गंभीर प्रकृति का है और इसमें एक सरकारी अधिकारी की हत्या हुई थी। कोर्ट के फैसले के बाद सुरक्षा व्यवस्था को भी कड़ा रखा गया।

यह मामला 24 फरवरी 2020 का है, जब उत्तर-पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास इलाके में दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या कर दी गई थी। आरोप के मुताबिक, दंगाई भीड़ ने अंकित शर्मा पर हमला किया और बाद में उनका शव एक नहर से बरामद किया गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर 51 चोटों के निशान पाए गए थे, जिससे हत्या की भयावहता सामने आई थी।

जांच एजेंसियों के अनुसार, ताहिर हुसैन पर आरोप था कि उन्होंने दंगों के दौरान भीड़ को उकसाने और हिंसा की साजिश में भूमिका निभाई। दिल्ली पुलिस और जांच एजेंसियों ने मामले में कई सबूत पेश किए थे। अदालत में लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ताहिर हुसैन को दोषी माना।

सजा सुनाए जाने के बाद ताहिर हुसैन ने अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं और उन्हें भरोसा है कि हाई कोर्ट में उन्हें न्याय मिलेगा। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह खुद को निर्दोष मानते हैं और कानूनी लड़ाई आगे भी जारी रखेंगे। उनकी कानूनी टीम अब इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है।

गौरतलब है कि 2020 के दिल्ली दंगों में कुल 53 लोगों की मौत हुई थी, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। इस हिंसा ने देशभर में काफी चर्चा बटोरी थी। अंकित शर्मा हत्याकांड इस पूरे मामले के सबसे चर्चित मामलों में से एक रहा। जांच एजेंसियों ने इस केस में कई लोगों से पूछताछ की और सबूत जुटाए।

अंकित शर्मा के परिवार ने अदालत के फैसले पर संतोष जताया है। परिवार का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है। अंकित शर्मा की मां ने कहा कि उनके बेटे की हत्या बेहद दर्दनाक थी और दोषियों को सजा मिलना जरूरी था।

वहीं, राजनीतिक स्तर पर भी इस फैसले को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। विपक्षी दलों ने अदालत के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह कानून व्यवस्था और न्याय प्रक्रिया में लोगों के विश्वास को मजबूत करेगा। दूसरी ओर, ताहिर हुसैन के समर्थकों का कहना है कि अंतिम फैसला हाई कोर्ट और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

अब सभी की नजरें ताहिर हुसैन की संभावित हाई कोर्ट अपील पर टिकी हैं। उम्रकैद की सजा के खिलाफ दायर होने वाली याचिका पर आने वाला फैसला इस मामले की आगे की दिशा तय करेगा। फिलहाल कड़कड़डूमा कोर्ट के फैसले के बाद 2020 दिल्ली दंगों का यह चर्चित मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

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