नई दिल्ली। ओमान के तट के पास भारत की ओर आ रहे वाणिज्यिक पोत एमवी केप दाओ (MV Cape Dao) पर हुए हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले सूरज यादव के रूप में हुई है। पोत पर कुल 28 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 20 भारतीय नागरिक थे। हादसे के बाद 19 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया। भारत सरकार ने हमले की निंदा करते हुए सूरज यादव की मौत पर गहरा दुख जताया है।

घटना बुधवार, 23 सितंबर को उस समय हुई, जब एमवी केप दाओ ओमान के पास समुद्री क्षेत्र से गुजरते हुए भारत की ओर बढ़ रहा था। पोत एंटीगुआ और बारबुडा के ध्वज वाला बल्क कैरियर बताया गया है। हमले के बाद पोत और उसमें मौजूद चालक दल की सुरक्षा को लेकर भारतीय अधिकारियों ने ओमान प्रशासन से संपर्क किया। ओमान में भारतीय दूतावास ने भी स्थिति पर नजर रखने और स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय की जानकारी दी।

देवरिया के रहने वाले थे सूरज यादव

फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) के अनुसार, हमले में जान गंवाने वाले सूरज यादव उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले थे और पोत पर वाइपर के रूप में कार्यरत थे। बाद में केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि सूरज यादव ने हमले में सिर पर लगी चोटों के कारण दम तोड़ दिया। उन्होंने मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक भारत लाने और परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही।

19 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाला गया

एमवी केप दाओ पर 20 भारतीय नाविक मौजूद थे। सूरज यादव की मौत के बाद शेष 19 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया। केंद्रीय मंत्री सोनोवाल के मुताबिक, रॉयल नेवी ऑफ ओमान ने जीवित बचे चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला और वे ओमान में तट पर सुरक्षित हैं। भारतीय समुद्री अधिकारियों को ओमान के अधिकारियों और पोत प्रबंधन कंपनी के साथ समन्वय कर चालक दल के सदस्यों की सुरक्षित और जल्द स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

पोत पर दो टॉरपीडो लगने का दावा

फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया ने दावा किया है कि एमवी केप दाओ को दो टॉरपीडो ने निशाना बनाया। यूनियन के मुताबिक, एक हमला पोत के पोर्ट साइड स्थित सी-डेक के उस हिस्से में हुआ जहां चालक दल के रहने की व्यवस्था थी, जबकि दूसरा इंजन रूम के पास पोर्ट साइड हल पर हुआ। हालांकि हमले के हथियार को लेकर अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में अलग विवरण सामने आए हैं, इसलिए इसकी अंतिम आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

भारत ने हमले की कड़ी निंदा की

विदेश मंत्रालय ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ओमान के पूर्वी तट के पास वाणिज्यिक पोत पर हुए हमले की निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमले गंभीर चिंता का विषय हैं। भारत ने एक बार फिर तनाव कम करने और क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए बातचीत और कूटनीति की आवश्यकता पर जोर दिया है।

विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि वाणिज्यिक जहाजों, समुद्री कर्मचारियों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाना बंद होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में निर्बाध नौवहन और व्यापार की बहाली की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। ओमान के अधिकारियों की ओर से मिले सहयोग के लिए भारत ने उनका आभार जताया है।

भारतीय दूतावास परिवार के संपर्क में

ओमान में भारतीय दूतावास ने कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। दूतावास संबंधित भर्ती एवं प्लेसमेंट एजेंसी के साथ भी समन्वय कर रहा है और सूरज यादव के परिवार से संपर्क में है। सरकार की प्राथमिकता सुरक्षित बचाए गए भारतीय नाविकों की स्वदेश वापसी और मृतक का पार्थिव शरीर भारत पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी करना है।

समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

इस घटना के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री क्षेत्र से गुजरने वाले वाणिज्यिक पोतों तथा नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। FSUI ने कहा कि नागरिक नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। संगठन ने हमले की जवाबदेही तय करने, सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने और सूरज यादव के परिवार के लिए न्याय की मांग की है।

एमवी केप दाओ पर हुआ हमला ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव के बीच समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बनी हुई है। भारत ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर आवाजाही सुरक्षित और निर्बाध रहनी चाहिए। इस घटना में एक भारतीय नाविक की मौत और 19 भारतीयों को सुरक्षित निकाले जाने के बाद अब सरकार उनके जल्द भारत लौटने की प्रक्रिया पर काम कर रही है।

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