नई दिल्ली। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के दिल्ली इंस्टाग्राम अकाउंट को स्थायी रूप से बंद किए जाने का मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है। SFI ने केंद्र सरकार की शिकायत अपीलीय समिति यानी Grievance Appellate Committee (GAC) के समक्ष दायर अपनी अपील पर फैसला होने में कथित देरी को चुनौती दी है। जस्टिस अमित महाजन की पीठ गुरुवार, 24 सितंबर को याचिका पर सुनवाई करेगी।SFI ने अपनी याचिका में GAC और Meta Platforms Inc. को पक्षकार बनाया है। संगठन का कहना है कि उसके आधिकारिक दिल्ली इंस्टाग्राम अकाउंट को स्थायी रूप से बंद किए जाने के खिलाफ दायर अपील तय समय के भीतर नहीं निपटाई गई। याचिका में सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत शिकायतों और अपीलों के निपटारे के लिए निर्धारित प्रक्रिया का हवाला दिया गया है।
याचिका के मुताबिक Instagram ने 5 जुलाई 2026 को SFI दिल्ली के अकाउंट @SfiDelhi को स्थायी रूप से बंद कर दिया था। प्लेटफॉर्म की ओर से संगठन को बताया गया कि यह अकाउंट संभवतः किसी ऐसे दूसरे अकाउंट से जुड़ा हो सकता है जिसने Instagram के नियमों का उल्लंघन किया हो। SFI का दावा है कि उसे कथित रूप से जुड़े दूसरे अकाउंट की पहचान या नियम उल्लंघन के संबंध में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।SFI के मुताबिक यह इंस्टाग्राम अकाउंट वर्ष 2018 में बनाया गया था और इसे करीब 13 हजार लोग फॉलो करते थे। संगठन दिल्ली में अपनी गतिविधियों, कार्यक्रमों और छात्र मुद्दों से संबंधित सामग्री साझा करने के लिए इस अकाउंट का इस्तेमाल करता था। अकाउंट स्थायी रूप से बंद किए जाने के बाद संगठन ने उपलब्ध शिकायत निवारण व्यवस्था का सहारा लिया।
याचिका में कहा गया है कि SFI ने सबसे पहले 7 जुलाई को Instagram के फैसले के खिलाफ अपील की थी। इसके बाद 9 जुलाई को Meta के शिकायत अधिकारी से संपर्क किया गया, लेकिन संगठन के अनुसार वहां से भी कोई समाधान नहीं मिला। इसके बाद SFI ने 12 अगस्त को केंद्र सरकार की GAC के समक्ष अपील दाखिल की।संगठन का कहना है कि अपील दाखिल करने के बाद भी लंबे समय तक उस पर अंतिम निर्णय नहीं आया। याचिका के अनुसार 16 सितंबर तक GAC की वेबसाइट पर अपील की स्थिति ‘अंडर प्रोसेस’ दिखाई जा रही थी। इसी देरी को आधार बनाते हुए SFI ने दिल्ली हाई कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की है।
SFI ने अपनी याचिका में सूचना प्रौद्योगिकी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम, 2021 के नियम 3A(4) का उल्लेख किया है। इस प्रावधान के तहत GAC से अपीलों को तेजी से निपटाने और उन्हें 30 कैलेंडर दिनों के भीतर अंतिम रूप देने का प्रयास करने की अपेक्षा की गई है। SFI का दावा है कि उसकी अपील के मामले में यह अवधि पार हो चुकी है।मामले में महत्वपूर्ण बात यह है कि फिलहाल हाई कोर्ट ने SFI के इस दावे पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है कि अकाउंट बंद करने की कार्रवाई वैध थी या नहीं। गुरुवार की सुनवाई में अदालत के सामने मुख्य रूप से याचिका और अपील के निपटारे में कथित देरी से जुड़े सवाल आएंगे।
SFI ने अदालत से GAC को उसकी अपील पर निर्णय लेने के लिए निर्देश देने की मांग की है। इसके साथ ही संगठन ने यह भी कहा है कि अपील की प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(a), 19(1)(g) और 21 के तहत मिलने वाले अधिकारों और स्वतंत्रताओं के अनुरूप होनी चाहिए।यह मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी संगठन या व्यक्ति का अकाउंट स्थायी रूप से बंद किए जाने के बाद उपलब्ध शिकायत और अपील व्यवस्था के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत सोशल मीडिया इंटरमीडियरी के फैसलों से असंतुष्ट उपयोगकर्ताओं के लिए शिकायत निवारण और अपील की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।
GAC की व्यवस्था का उद्देश्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के शिकायत अधिकारियों के फैसलों के खिलाफ उपयोगकर्ताओं को एक अतिरिक्त अपीलीय मंच उपलब्ध कराना है। मौजूदा मामले में SFI का कहना है कि उसने पहले Instagram और Meta की आंतरिक शिकायत व्यवस्था का इस्तेमाल किया और उसके बाद GAC का रुख किया, लेकिन वहां भी अपील का निपटारा निर्धारित अवधि के भीतर नहीं हुआ।SFI ने अकाउंट बंद करने के लिए Instagram की ओर से बताए गए कारण पर भी सवाल उठाया है। संगठन के अनुसार प्लेटफॉर्म ने केवल यह कहा कि उसका अकाउंट किसी दूसरे ऐसे अकाउंट से जुड़ा हो सकता है जिसने नियमों का उल्लंघन किया है। याचिकाकर्ता का दावा है कि उसे यह नहीं बताया गया कि वह दूसरा अकाउंट कौन-सा था या उससे SFI दिल्ली अकाउंट का संबंध किस आधार पर स्थापित किया गया।
अब दिल्ली हाई कोर्ट के सामने यह मामला ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की अकाउंट सस्पेंशन और कंटेंट मॉडरेशन नीतियों को लेकर अदालतों में विभिन्न तरह के विवाद पहुंच रहे हैं। जुलाई 2026 में दिल्ली हाई कोर्ट के सामने एक अन्य मामले में स्थायी रूप से बंद किए गए Facebook अकाउंट को लेकर भी याचिका दाखिल हुई थी, जिसमें पारदर्शी प्रक्रिया, कारणों की जानकारी और प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था जैसे मुद्दे उठाए गए थे। उस मामले में अदालत ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया था।
SFI की मौजूदा याचिका में फिलहाल आरोपों और कानूनी दलीलों पर अदालत का अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की GAC और Meta का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा। इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अदालत अपील के शीघ्र निपटारे के लिए कोई समय-सीमा तय करती है या अन्य निर्देश जारी करती है।
दिल्ली हाई कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट के कैलेंडर में 24 सितंबर 2026 को न्यायिक कार्य दिवस दिखाया गया है। अब SFI की याचिका पर जस्टिस अमित महाजन की अदालत में होने वाली सुनवाई पर नजर रहेगी।मामले का परिणाम न केवल SFI दिल्ली के इंस्टाग्राम अकाउंट के भविष्य से जुड़ा है, बल्कि यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के फैसलों के खिलाफ उपलब्ध वैधानिक अपील व्यवस्था और उसके समयबद्ध निपटारे से जुड़े सवालों को भी सामने लाता है।