New Delhi नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को पद से हटा दिया है। पार्टी ने यह फैसला कुछ वीडियो सामने आने के बाद लिया है। पार्टी का कहना है कि इन वीडियो में विजेता दहिया का व्यवहार संगठन के मूल्यों और सिद्धांतों के अनुरूप नहीं पाया गया, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
CJP की ओर से जारी बयान में कहा गया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं पर पुलिस द्वारा कथित बल प्रयोग के दौरान विजेता दहिया से जुड़े कुछ वीडियो सामने आए। पार्टी ने इन वीडियो को असंवेदनशील आचरण का उदाहरण बताया और कहा कि ऐसे व्यवहार को संगठन किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं करता।
पार्टी ने अपने बयान में कहा कि CJP का उद्देश्य शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना है। संगठन से जुड़े हर व्यक्ति से अपेक्षा की जाती है कि वह पार्टी की विचारधारा, अनुशासन और सार्वजनिक व्यवहार के मानकों का पालन करे। पार्टी ने कहा कि किसी भी पदाधिकारी या कार्यकर्ता द्वारा ऐसा कोई आचरण नहीं किया जाना चाहिए, जिससे संगठन की छवि प्रभावित हो।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई कथित झड़प के बाद कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे। इन्हीं वीडियो में से कुछ को लेकर पार्टी ने आपत्ति जताई और विजेता दहिया पर कार्रवाई का फैसला किया।
CJP ने कहा कि पार्टी संगठनात्मक अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत गतिविधि या व्यवहार को पार्टी के मूल उद्देश्यों से अलग नहीं माना जा सकता। इसी कारण विजेता दहिया को तत्काल प्रभाव से प्रवक्ता पद से हटाने का निर्णय लिया गया।
हालांकि, पार्टी की ओर से जारी बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि वायरल वीडियो में ऐसा क्या था, जिसे असंवेदनशील आचरण माना गया। पार्टी ने केवल इतना कहा कि वीडियो में दिखाई गई गतिविधियां संगठन के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं थीं।
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। प्रदर्शन के दौरान नेताओं और पदाधिकारियों के व्यवहार को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं पार्टी ने अपने फैसले के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि संगठन से जुड़े लोगों को अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।
CJP की ओर से कहा गया है कि पार्टी आगे भी अपने आंदोलन और कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखेगी। संगठन ने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में संयम बनाए रखें और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करें।
फिलहाल विजेता दहिया को पद से हटाए जाने के बाद यह मामला चर्चा में बना हुआ है। पार्टी के इस फैसले को प्रदर्शन के दौरान अनुशासन बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।