दिल्ली: सरकार महिलाओं की यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। राजधानी में जल्द ही 50 नई इलेक्ट्रिक ‘महिला विशेष’ बसें शुरू की जाएंगी। इन बसों का उद्देश्य महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
अधिकारियों के मुताबिक, इन 50 नई बसों में से 25 बसें बाहरी दिल्ली के इलाकों में चलाई जाएंगी, जबकि बाकी 25 बसों को ‘यूनिवर्सिटी स्पेशल’ सेवा के रूप में संचालित किया जाएगा। इन बसों से खास तौर पर कॉलेज जाने वाली छात्राओं को राहत मिलेगी।
दिल्ली सरकार के अनुसार, ये महिला विशेष बसें पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत शुरू की जाएंगी। इन बसों में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए बसों में बेहतर निगरानी व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाएं शामिल की जाएंगी।
परिवहन विभाग महिला यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बसों के रूट तय करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड के उपयोग और पिंक टिकट के आंकड़ों का विश्लेषण किया जा रहा है। विभाग यह पता लगा रहा है कि किन रूटों पर महिला यात्रियों की संख्या और मांग सबसे अधिक है। इसके आधार पर नई बसों के संचालन की योजना बनाई जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि महिला विशेष बसों के संचालन से उन इलाकों में रहने वाली महिलाओं और छात्राओं को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा, जहां सार्वजनिक परिवहन की सुविधा सीमित है। खासकर बाहरी दिल्ली के क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को आने-जाने में आसानी होगी।
दिल्ली सरकार पहले ही अपने सार्वजनिक परिवहन बेड़े को बढ़ाने पर काम कर रही है। हाल ही में राजधानी में 300 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की गई हैं। इसके बाद दिल्ली परिवहन निगम के बेड़े में बसों की संख्या करीब 6,600 हो गई है। इनमें 4,845 इलेक्ट्रिक और 1,755 सीएनजी बसें शामिल हैं।
सरकार का लक्ष्य वर्ष 2028-29 तक दिल्ली के बस बेड़े को बढ़ाकर 14,000 बसों तक पहुंचाना है। इसके तहत ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक और पर्यावरण अनुकूल बसें सड़कों पर उतारने की योजना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि नई बसें लो-फ्लोर और वातानुकूलित होंगी। इन्हें महिलाओं के साथ-साथ दिव्यांग यात्रियों और अन्य सभी लोगों के लिए सुरक्षित, आरामदायक और सुविधाजनक बनाया जा रहा है।
नई महिला विशेष बस सेवा के शुरू होने से दिल्ली में महिलाओं की सार्वजनिक परिवहन पर निर्भरता और भरोसा बढ़ने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि सुरक्षित और बेहतर परिवहन व्यवस्था महिलाओं की शिक्षा, रोजगार और रोजमर्रा की गतिविधियों में भागीदारी को भी बढ़ावा देगी।