डंडा लेकर जुटे कांग्रेसी, बढ़ी सुरक्षा व्यवस्था

Update: 2026-07-22 10:08 GMT

Delhi दिल्ली :  दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर किए गए प्रदर्शन और संसद में हुए हंगामे की सियासत अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक पहुंच गई है। बुधवार को कांग्रेस और भाजपा के बीच आमने-सामने की स्थिति बन गई। दोनों दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया, जिसके बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया।

मामला उस समय गर्माया जब भाजपा ने कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध में लखनऊ स्थित कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने की घोषणा की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के कांग्रेस कार्यालय पहुंचने की तैयारी शुरू हुई। जैसे ही इसकी जानकारी कांग्रेस नेताओं को मिली, उन्होंने भी अपने कार्यालय पर जुटना शुरू कर दिया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के विरोध के लिए तैयारी शुरू कर दी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी कार्यकर्ताओं के साथ मैदान में उतर आए। उन्होंने भाजपा के प्रदर्शन का मुकाबला करने की बात कही और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के बाहर धरना देने का ऐलान कर दिया। दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों की ओर से किए गए इस ऐलान के बाद प्रशासन के सामने कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई।

स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कांग्रेस कार्यालय के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी। बड़ी संख्या में पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया। प्रशासन ने किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पहले से ही सतर्कता बरती।

जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने की कोशिश कर रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस उन्हें लेकर इको गार्डन पहुंची, जहां उन्हें रखा गया।

इससे पहले मंगलवार शाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया गया था। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई की गई और छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की गई। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया था।

भाजपा ने कांग्रेस के इस प्रदर्शन को लेकर नाराजगी जताई और बुधवार को लखनऊ में कांग्रेस कार्यालय घेरने का ऐलान किया। भाजपा नेताओं का कहना था कि कांग्रेस राजनीतिक माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है और प्रधानमंत्री आवास का घेराव करना गलत है।

भाजपा के प्रदर्शन की घोषणा के बाद कांग्रेस नेताओं ने भी पलटवार किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपने कार्यालय पर पहुंचकर विरोध की तैयारी शुरू कर दी। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।

लखनऊ में पूरे घटनाक्रम के दौरान राजनीतिक माहौल गरम रहा। कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की आशंका को देखते हुए पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग की। अधिकारियों ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी।

फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद दोनों दलों के आमने-सामने आने की स्थिति टल गई है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। कांग्रेस जहां छात्रों के मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोल रही है, वहीं भाजपा कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर सवाल उठा रही है।

आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। छात्र आंदोलन, पुलिस कार्रवाई और केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस के विरोध को लेकर उत्तर प्रदेश में भी सियासी हलचल बढ़ती नजर आ रही है।

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