Delhi दिल्ली में 20 जुलाई को हुए NEET विरोध प्रदर्शन के बाद गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराई गईं 21 साल की साक्षी को गुरुवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके साथ ही उनके गहन इलाज का दौर खत्म हुआ, जिसके दौरान उन्हें एक हफ़्ते तक इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। अस्पताल के रिकॉर्ड बताते हैं कि विरोध प्रदर्शन के दौरान साक्षी को कई चोटें आई थीं। उनके सिर, छाती और पेट पर चोटें थीं, साथ ही चेहरे पर सूजन और नीलापन (कंजेशन) था। डॉक्टरों ने दोनों कंधों, छाती के ऊपरी हिस्से और दाहिनी जांघ पर भी कई जगह चोट के निशान (contusions) दर्ज किए। उनके बाएं हाथ के निचले हिस्से (forearm) पर एक खास तरह का खरोंच का निशान था, जिसके बारे में माना गया कि यह जूते के सोल के निशान जैसा हो सकता है।
अस्पताल के अनुसार, साक्षी को गंभीर हालत में इमरजेंसी विभाग में लाया गया था, जहाँ डॉक्टरों ने ICU में भेजने से पहले तुरंत उन्हें बचाने की कोशिश (resuscitation) शुरू कर दी। इमरजेंसी इलाज के तहत उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। डॉक्टरों ने बताया कि अगले कुछ दिनों में उनकी हालत में लगातार सुधार हुआ। ICU में एक हफ़्ते रहने के बाद, उन्हें सफलतापूर्वक वेंटिलेटर से हटा दिया गया और बाद में ठीक होने की प्रक्रिया जारी रहने पर नर्सिंग होम वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
गुरुवार को छुट्टी के समय तक, साक्षी पूरी तरह होश में, सतर्क और शारीरिक रूप से स्थिर (hemodynamically stable) थीं। वह सामान्य रूप से खाना-पीना कर रही थीं, बिना किसी मदद के चल-फिर रही थीं और अपने रोज़मर्रा के काम खुद कर रही थीं। अस्पताल ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान लगी चोटों से संतोषजनक रूप से ठीक होने के बाद, उन्हें ज़रूरी मेडिकल सलाह और आगे के इलाज (फ़ॉलो-अप) के निर्देशों के साथ छुट्टी दी गई।