नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राजधानी में नए सचिवालय भवन के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने नया दिल्ली सचिवालय आईटीओ इलाके में बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए करीब 10 एकड़ जमीन का उपयोग किया जाएगा। प्रस्तावित सचिवालय में दिल्ली सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के कार्यालयों को एक ही परिसर में लाने की योजना है।

वर्तमान में दिल्ली सरकार के कई विभाग अलग-अलग स्थानों से संचालित होते हैं। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच समन्वय में कई बार परेशानी आती है। इसी को देखते हुए सरकार एक ऐसे आधुनिक सचिवालय भवन का निर्माण करना चाहती है, जहां सभी प्रमुख विभागों के कार्यालय एक साथ मौजूद हों।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली सरकार आईटीओ क्षेत्र में आयकर विभाग की करीब पांच एकड़ जमीन लेने की योजना बना रही है। इसके बदले आयकर विभाग को पीडब्ल्यूडी मुख्यालय की ओर जगह उपलब्ध कराई जाएगी। इस जमीन के आदान-प्रदान के बाद दिल्ली सरकार के पास सचिवालय निर्माण के लिए लगभग 10 एकड़ का बड़ा भूखंड उपलब्ध हो जाएगा।

लोक निर्माण विभाग (PWD) इस पूरी योजना को तैयार करने में जुटा हुआ है। विभाग की ओर से नए सचिवालय भवन के डिजाइन, सुविधाओं और निर्माण से जुड़ी संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। प्रस्तावित भवन को आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाने की योजना है, ताकि सरकारी कामकाज को अधिक प्रभावी और सुविधाजनक बनाया जा सके।

नए सचिवालय में दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों के कार्यालयों को एक साथ लाने की योजना है। इसमें मंत्रालयों के दफ्तर, प्रशासनिक इकाइयां और अन्य महत्वपूर्ण विभागों के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। इससे अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा और आम जनता से जुड़े कामों में तेजी आने की उम्मीद है।

सरकार का मानना है कि राजधानी में बढ़ती जरूरतों को देखते हुए एक बड़े और आधुनिक सचिवालय भवन की आवश्यकता है। मौजूदा व्यवस्था में कई विभाग अलग-अलग जगहों पर स्थित हैं, जिससे कामकाज में समय लगता है। नया सचिवालय बनने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा।

आईटीओ क्षेत्र को इस परियोजना के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह दिल्ली के प्रमुख प्रशासनिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल है। यहां से दिल्ली के कई हिस्सों तक पहुंच आसान है। इसके अलावा यह क्षेत्र पहले से ही सरकारी कार्यालयों और महत्वपूर्ण संस्थानों के लिए जाना जाता है।

नए सचिवालय भवन के निर्माण में आधुनिक तकनीक और पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं को शामिल किए जाने की संभावना है। इसमें ऊर्जा बचाने वाली प्रणालियां, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, डिजिटल सुविधाएं और कर्मचारियों व आगंतुकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।

पीडब्ल्यूडी की ओर से योजना तैयार होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसमें भवन का नक्शा, निर्माण लागत, समय सीमा और अन्य तकनीकी पहलुओं का निर्धारण किया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि इस परियोजना को जल्द से जल्द आगे बढ़ाया जाए।

दिल्ली सरकार के अधिकारियों के अनुसार, नए सचिवालय का उद्देश्य केवल नया भवन बनाना नहीं है, बल्कि प्रशासनिक कामकाज को एक नई दिशा देना है। सभी विभागों के एक स्थान पर आने से नीतियों के निर्माण और उनके क्रियान्वयन में तेजी आएगी।

राजधानी में लंबे समय से एक बड़े और व्यवस्थित सचिवालय भवन की जरूरत महसूस की जा रही थी। सरकार के इस फैसले से आने वाले वर्षों में दिल्ली प्रशासन की कार्यप्रणाली में बदलाव देखने को मिल सकता है।

अब पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट और विस्तृत योजना के बाद इस परियोजना की अगली रूपरेखा सामने आएगी। जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे।

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