नई दिल्ली: चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने शनिवार को बताया कि दिवाली के मौजूदा त्योहारी सीजन के दौरान देशभर में कारोबार का टर्नओवर लगभग 5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। अकेले दिल्ली में ही करीब 80,000 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है।
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि इस त्योहारी सीजन ने देशभर के व्यापारियों के लिए कारोबार के बड़े अवसर पैदा किए हैं, जिसमें ग्राहकों के बीच स्वदेशी उत्पादों की भारी मांग देखी जा रही है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली के जिन व्यापारियों को पिछले महीने रैलियों और विरोध प्रदर्शनों के कारण कारोबार में रुकावटों का सामना करना पड़ा था, उन्हें अब दिवाली के दौरान बंपर खरीदारी की उम्मीद है, जिससे वे अपना नुकसान भरपाई कर सकेंगे।
गोयल के अनुसार, देशभर में 5 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित टर्नओवर में दिवाली की खरीदारी और इससे जुड़ी विभिन्न सेवाओं से होने वाला कारोबार शामिल है।
ऑटोमोबाइल उद्योग की शीर्ष संस्था की हाल ही में जारी एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि देशभर में रिटेल ऑटोमोबाइल बिक्री में 55 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। इसमें दोपहिया वाहनों में 52 प्रतिशत, तिपहिया वाहनों में 110 प्रतिशत, कमर्शियल वाहनों में 48 प्रतिशत, यात्री वाहनों में 70 प्रतिशत और ट्रैक्टरों की बिक्री में 58 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि ये आंकड़े ग्राहकों की मजबूत मांग को दर्शाते हैं और त्योहारी सीजन के दौरान कारोबार के सकारात्मक माहौल को दिखाते हैं।
गोयल ने आगे बताया कि दिवाली के दौरान लगभग पांच करोड़ उपहारों का आदान-प्रदान हुआ, जिनमें किफायती से लेकर प्रीमियम उत्पाद तक शामिल थे। इससे त्योहारी बिक्री में काफी योगदान मिला।
CTI ने बताया कि उसने यह अनुमान होटल और बैंक्वेट एसोसिएशन, रेस्तरां और मॉल एसोसिएशन, सिनेमा एसोसिएशन, शॉपिंग सेंटर एसोसिएशन, ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन, मेकअप और सैलून एसोसिएशन, टूर एंड ट्रैवल एसोसिएशन, बाजार संघों और विभिन्न उद्योग निकायों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के बाद लगाया है।
व्यापारी संगठन ने एक बयान में कहा कि इस साल दिवाली के सीजन में स्वदेशी उत्पादों की खरीद-बिक्री पर विशेष जोर दिया जा रहा है, और भारतीय उत्पादों को ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रियता मिल रही है।
संगठन ने कहा कि GST सुधारों ने भी भारतीय उत्पादों को अधिक पहचान दिलाने और स्थानीय स्तर पर बने सामानों की मांग को मजबूत करने में मदद की है। होम डेकोर के सामान, दिवाली पूजा की सामग्री, मिट्टी के दीये, देवी-देवताओं की मूर्तियां, वॉल हैंगिंग, हस्तशिल्प और 'शुभ-लाभ' व 'ओम' जैसे पारंपरिक शुभ प्रतीकों की काफी मांग है। देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा से जुड़ी वस्तुओं के साथ-साथ स्थानीय कारीगरों और कुशल कामगारों द्वारा बनाई गई सजावटी चीजों की भी त्योहारी बिक्री में बड़ी हिस्सेदारी रहने की उम्मीद है।
इसके अलावा, FMCG, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, खिलौने, इलेक्ट्रॉनिक्स, बिजली के उपकरण, किचन का सामान, गिफ्ट आइटम, मिठाइयां, स्नैक्स, होम फर्निशिंग, कपड़े, रेडीमेड गारमेंट्स, फैशन के कपड़े, जूते-चप्पल, घड़ियां, फर्नीचर, कॉस्मेटिक्स, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, मोबाइल फोन और एक्सेसरीज जैसे कई क्षेत्रों में अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है।
अन्य क्षेत्रों में बर्तन, बिल्डर्स हार्डवेयर, लकड़ी और प्लाईवुड, पेंट और कांच, दूध और डेयरी उत्पाद, किराने का सामान, अनाज, खाने का तेल, दालें, साइकिल और उसके पार्ट्स, दीवार घड़ियां, गोटा-जरी, साड़ियां और ड्रेस मटेरियल शामिल हैं, जिनकी त्योहारी सीजन में मांग रहती है।
CTI के अनुसार, दिल्ली के व्यापारियों को इस त्योहारी सीजन में लगभग 80,000 करोड़ रुपये के कारोबार की उम्मीद है।
CTI ने बताया कि 1 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच हुए प्रदर्शनों और रैलियों के कारण, राष्ट्रीय राजधानी के व्यापारियों को लगभग 14,000 करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान उठाना पड़ा है।
गोयल ने कहा कि अब व्यापार ने रफ्तार पकड़ ली है और त्योहारी खरीदारी के लिए दिल्ली भर के बाजारों में भारी भीड़ उमड़ रही है।
उन्होंने बताया कि चांदनी चौक, दरीबा कलां, मालीवाड़ा, सदर बाजार, कमला नगर, अशोक विहार, मॉडल टाउन, शालीमार बाग, वजीरपुर, पीतमपुरा, राजौरी गार्डन, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश, ग्रीन पार्क, यूसुफ सराय, लाजपत नगर, प्रीत विहार, शाहदरा और लक्ष्मी नगर जैसे बाजारों में ग्राहकों की संख्या काफी बढ़ गई है।
उन्होंने आगे कहा कि त्योहारी सीजन के दौरान विभिन्न कंपनियों के ऑटोमोबाइल शोरूम में भी अच्छी बिक्री हो रही है।
ग्राहक मोबाइल फोन, गिफ्ट, सजावटी सामान, ड्राई फ्रूट्स, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और होम फर्निशिंग जैसी कई तरह की चीजें खरीद रहे हैं, जो यह दिखाता है कि राष्ट्रीय राजधानी में खरीदारी की गतिविधियां फिर से जोर पकड़ रही हैं।