नई दिल्ली। दिवाली के अवसर पर कांग्रेस पार्टी के भीतर एकजुटता और संगठनात्मक मजबूती का संदेश देखने को मिला। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर आयोजित 'दिवाली मंगल मिलन' कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए। इस अवसर पर नेताओं ने एक-दूसरे को त्योहार की शुभकामनाएं दीं और पार्टी के भीतर आपसी सहयोग, एकता तथा संगठन को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार ने पार्टी की एकजुटता को देश की मजबूती से जोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस की ताकत ही देश की ताकत है।दिवाली मिलन कार्यक्रम का उद्देश्य त्योहार की खुशियां साझा करने के साथ पार्टी नेताओं के बीच संवाद और आपसी संबंधों को मजबूत करना भी रहा। राहुल गांधी की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण देखने को मिला।डीके शिवकुमार ने कांग्रेस संगठन की मजबूती को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी की ताकत देश की ताकत है। उनके इस बयान को कांग्रेस के भीतर एकजुटता बनाए रखने और संगठनात्मक स्तर पर सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। शिवकुमार कांग्रेस के उन वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं, जिनकी कर्नाटक की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
कांग्रेस के लिए यह आयोजन ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब पार्टी विभिन्न राज्यों में अपनी संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने और राजनीतिक मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने की दिशा में काम कर रही है। पार्टी के सामने अलग-अलग राज्यों में राजनीतिक चुनौतियां हैं। ऐसे में वरिष्ठ नेताओं का एक मंच पर आना संगठनात्मक एकता का संदेश देने का अवसर भी बनता है।राहुल गांधी लंबे समय से पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच संवाद बढ़ाने पर जोर देते रहे हैं। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि संगठन की मजबूती के लिए जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क और विभिन्न स्तरों पर समन्वय आवश्यक है। दिवाली मिलन जैसे कार्यक्रम नेताओं को औपचारिक राजनीतिक बैठकों से अलग आपसी बातचीत का अवसर प्रदान करते हैं।कार्यक्रम में कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं को दिवाली के अवसर पर आमंत्रित किया है। उन्होंने त्योहार को खुशियां बांटने का अवसर बताते हुए कहा कि सभी को मिलकर इसे मनाना चाहिए। शैलजा ने आने वाले समय में सामूहिक मेहनत और पार्टी के लिए मिलकर काम करने की बात भी कही। वहीं, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि त्योहारों के दौरान परिवार के सदस्य एक साथ आते हैं और इसी तरह कांग्रेस परिवार भी एकजुट हुआ है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने भी कार्यक्रम को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर नेताओं के बीच बातचीत हुई और भविष्य की राजनीतिक रणनीति से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिवाली की शुभकामनाएं देना और पार्टी नेताओं के साथ समय बिताना था।इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और कथित चुनावी अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई और आरोप लगाया कि इससे लोगों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, इमरान प्रतापगढ़ी ने मतदाता पहचान पत्र और सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर सवाल उठाए। हालांकि, ये कांग्रेस नेताओं के राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाते रहेंगे। उनके बयान से स्पष्ट हुआ कि त्योहार के इस आयोजन के दौरान राजनीतिक मुद्दे भी चर्चा का हिस्सा बने रहे।
इससे पहले राहुल गांधी ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित विपक्षी गठबंधन की रैली के संदर्भ में लोगों से स्थानीय व्यापारियों की मदद करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि प्रदर्शन में भाग लेने के साथ त्योहारों की खरीदारी भी की जानी चाहिए, ताकि छोटे दुकानदारों को लाभ मिल सके।कांग्रेस के लिए दिवाली मिलन कार्यक्रम का राजनीतिक महत्व भी है। पार्टी नेतृत्व के सामने विभिन्न राज्यों में संगठन को मजबूत बनाने, नेताओं के बीच समन्वय बढ़ाने और आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिए साझा दृष्टिकोण तैयार करने की चुनौती है। ऐसे में राहुल गांधी के आवास पर वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी को पार्टी के भीतर संवाद और एकजुटता के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।डीके शिवकुमार ने अपने संबोधन में कांग्रेस के इतिहास और देश के लोकतांत्रिक विकास में पार्टी की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को और अधिक मजबूत बनाने की जरूरत है। उनके मुताबिक, राहुल गांधी की ओर से उठाए जा रहे लोकतंत्र और संविधान से जुड़े मुद्दे केवल किसी एक नेता के नहीं, बल्कि देश के लोगों की आवाज से जुड़े हैं। उन्होंने प्रेम, शांति और एकता का संदेश देते हुए पार्टी नेताओं से मिलकर काम करने की बात कही।कुल मिलाकर राहुल गांधी का दिवाली मंगल मिलन कार्यक्रम त्योहार की शुभकामनाओं के आदान-प्रदान के साथ राजनीतिक संवाद का अवसर भी बना। कांग्रेस नेताओं ने संगठनात्मक एकता, आपसी सहयोग और लोकतांत्रिक मुद्दों पर अपनी बात रखी। डीके शिवकुमार के बयान ने पार्टी की मजबूती और राष्ट्रीय राजनीति में उसकी भूमिका को लेकर कांग्रेस नेतृत्व का दृष्टिकोण सामने रखा।
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