ED की बड़ी कार्रवाई, मोनाड यूनिवर्सिटी रैकेट से जुड़े 25.44 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच

पुलिस जांच

Update: 2026-07-20 15:31 GMT
Delhi दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फर्जी डिग्री और जाली शैक्षणिक दस्तावेजों के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 25.44 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की है। ईडी के अनुसार, 20 जुलाई 2026 को जारी प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के माध्यम से हापुड़, उत्तर प्रदेश स्थित मोनाड यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित फर्जी डिग्री रैकेट मामले में यह कार्रवाई की गई। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस मामले में फर्जी डिग्री और जाली शैक्षणिक दस्तावेजों के जरिए अवैध तरीके से धन अर्जित किया गया।
जांच के दौरान ईडी ने आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर मौजूद कई संपत्तियों की पहचान की। अटैच की गई संपत्तियों में एक फार्महाउस, कई फ्लैट और वाहन शामिल हैं। एजेंसी का कहना है कि इन संपत्तियों का संबंध कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन से है। ईडी ने बताया कि फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के जरिए चलाए जा रहे इस नेटवर्क की जांच के दौरान वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों की खरीद से जुड़े कई तथ्य सामने आए। इन्हीं जांच निष्कर्षों के आधार पर PMLA के प्रावधानों के तहत संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया गया है।
प्रवर्तन निदेशालय मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें अटैच करने की कार्रवाई करता है। एजेंसी अब मामले में आगे की जांच कर रही है और अन्य संभावित लाभार्थियों तथा वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है। ईडी अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत अटैच की गई संपत्तियों पर निर्णय लिया जाएगा। मामले में संबंधित आरोपियों की भूमिका और कथित नेटवर्क की विस्तृत जांच जारी है।
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