दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अजीत डोभाल ने भारत की विदेश नीति को मजबूत बनाने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में अहम योगदान दिया है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर लिए गए कई बड़े फैसलों के पीछे डोभाल की रणनीतिक सोच और सलाह की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
अमित शाह पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे, जहां राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया गया। पुरस्कार समारोह के दौरान शाह ने डोभाल के कार्यों और देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में उनके योगदान को लेकर कई बातें कहीं।
गृह मंत्री ने कहा कि अजीत डोभाल ने अपनी दूरदर्शी सोच और अनुभव के आधार पर देश की सुरक्षा नीति को नई दिशा देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि विदेश नीति को प्रभावी बनाने में भी डोभाल की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए कई रणनीतिक फैसलों में उनकी सलाह और अनुभव का लाभ मिला है।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इन फैसलों में सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कार्यालय की भूमिका भी अहम रही है। उन्होंने कहा कि डोभाल ने देश की सुरक्षा चुनौतियों को समझते हुए प्रभावी रणनीतियां तैयार करने में योगदान दिया है।
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने लोकमान्य तिलक के विचारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लोकमान्य तिलक ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर आधारित नए राष्ट्रवाद की नींव रखी थी। आज देश उसी मार्ग पर आगे बढ़ रहा है और अब इससे पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है।
उन्होंने कहा कि लोकमान्य तिलक का योगदान भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में बेहद महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने लोगों में राष्ट्रीय भावना को मजबूत करने और देश को एकजुट करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके विचारों ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की थी।
अमित शाह ने कहा कि आज भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय मूल्यों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश की नीतियां राष्ट्रहित को केंद्र में रखकर बनाई जा रही हैं और सुरक्षा के क्षेत्र में भी भारत पहले से ज्यादा मजबूत हुआ है।
अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार दिए जाने पर शाह ने कहा कि यह सम्मान उनके लंबे अनुभव, राष्ट्र सेवा और सुरक्षा क्षेत्र में किए गए कार्यों की पहचान है। डोभाल भारतीय सुरक्षा व्यवस्था के सबसे अनुभवी अधिकारियों में से एक माने जाते हैं। उन्होंने लंबे समय तक खुफिया और सुरक्षा क्षेत्र में काम किया है।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी अजीत डोभाल के योगदान की सराहना की। डोभाल ने अपने संबोधन में देश सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया।
अजीत डोभाल को भारत की सुरक्षा रणनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल किया जाता है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में उन्होंने आतंकवाद, सीमा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक मामलों से जुड़े कई मुद्दों पर सरकार को सलाह दी है।
पुणे में आयोजित यह कार्यक्रम लोकमान्य तिलक की विरासत और देश की सुरक्षा व्यवस्था में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। अमित शाह के बयान के बाद एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति में एनएसए की भूमिका चर्चा में आ गई है।