New Delhi नई दिल्ली : साल 2026 भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए तेजी का साल साबित हो रहा है। देशभर में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में लगातार बड़े प्रोजेक्ट पूरे किए जा रहे हैं। केरल से लेकर उत्तर प्रदेश और गुजरात तक इस साल अब तक 8 बड़े एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे के नए हिस्से आम जनता के लिए खोले जा चुके हैं। इन आधुनिक सड़कों ने न केवल यात्रा का समय कम किया है, बल्कि राज्यों के बीच कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाया है।
इनमें कई ऐसे एक्सप्रेसवे शामिल हैं, जिन्होंने लंबे और थकाऊ सफर को काफी आसान बना दिया है। वहीं कुछ परियोजनाएं देश के प्रमुख राज्यों और आर्थिक केंद्रों को जोड़ने वाले बड़े कॉरिडोर के रूप में विकसित हो रही हैं।
इस सूची में सबसे नया नाम उत्तर प्रदेश के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का है। 13 जुलाई को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का औपचारिक उद्घाटन किया। करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस एक्सप्रेसवे को उद्घाटन के अगले दिन आम लोगों के लिए खोल दिया गया।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी विशेषता इसकी आधुनिक टोल व्यवस्था है। यह उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे बताया जा रहा है, जहां बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम लागू किया गया है। इस व्यवस्था में वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। हाईटेक कैमरे वाहन की नंबर प्लेट और फास्टैग की जानकारी के आधार पर स्वत: टोल राशि काट लेंगे।
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा का समय काफी कम हो गया है। जहां पहले इस दूरी को तय करने में करीब तीन घंटे लगते थे, वहीं अब यह सफर लगभग 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इससे दोनों शहरों के बीच व्यापार, रोजगार और आवागमन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
वहीं दिल्ली और उत्तराखंड के बीच यात्रा करने वालों के लिए भी 2026 में बड़ी सुविधा मिली। 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को यातायात के लिए शुरू किया गया। करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह 213 किलोमीटर लंबा सिक्स-लेन एक्सप्रेसवे दिल्ली, बागपत और सहारनपुर होते हुए देहरादून तक पहुंचता है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की खास बात यह है कि यह यात्रियों को तेज और सुगम सफर के साथ प्राकृतिक नजारों का अनुभव भी कराता है। यह मार्ग जंगल क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों के करीब से गुजरता है, जिससे यात्रा का अनुभव बेहतर होता है।
सरकार का लक्ष्य देश में आधुनिक सड़क नेटवर्क तैयार करना है, जिससे परिवहन व्यवस्था मजबूत हो और आर्थिक गतिविधियों को गति मिले। नए एक्सप्रेसवे और हाईवे न केवल यात्रा समय घटा रहे हैं, बल्कि उद्योग, पर्यटन और व्यापार के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों को भी बड़े बाजारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। आने वाले समय में देश में कई और एक्सप्रेसवे परियोजनाएं पूरी होने की उम्मीद है, जिससे भारत का सड़क नेटवर्क और अधिक मजबूत होगा।