ऑरेंज हॉकी जर्सी पर खड़गे ने सरकार से फैसले पर पुनर्विचार की मांग की

Update: 2026-08-01 15:15 GMT

New Delhi : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को भारतीय हॉकी टीम की पारंपरिक नीली जर्सी को नारंगी रंग में बदलने के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यह कदम सिर्फ़ खेल से जुड़ा फैसला नहीं है, बल्कि यह करोड़ों भारतीयों की भावनाओं और देश की खेल विरासत से जुड़ा मामला है।

'X' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए खड़गे ने लिखा, "भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलने का फैसला सिर्फ़ खेल से जुड़ा विकल्प नहीं है, बल्कि यह करोड़ों भारतीयों की भावनाओं और हमारी खेल परंपराओं से गहराई से जुड़ा मामला है। भारतीय खिलाड़ियों को दुनिया भर में 'मेन इन ब्लू', 'द ब्लूज़' और 'द ब्लू टाइगर्स' जैसे नामों से पहचाना जाता रहा है। यह पहचान सिर्फ़ जर्सी के रंग के बारे में नहीं है, बल्कि भारतीय खेलों की एक विरासत है। आज यह समझना मुश्किल है कि इस ऐतिहासिक पहचान को बदलने की ज़रूरत क्यों महसूस की गई। सवाल किसी खास रंग का नहीं है, बल्कि फ़ैसला लेने की प्रक्रिया, पारदर्शिता और लोगों की भावनाओं के सम्मान का है।"

उन्होंने आगे कहा, "केसरिया, सफ़ेद और हरा - ये तीनों रंग हमारे तिरंगे में हैं और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के झंडे में भी इनका सम्मानजनक स्थान है। दुर्भाग्य की बात है कि जिन लोगों की विचारधारा का आज़ादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं था, वे अब हर राष्ट्रीय प्रतीक और हर सार्वजनिक संस्थान पर अपनी विचारधारा की छाप छोड़ने की जल्दबाज़ी में दिख रहे हैं। इतिहास गवाह है कि RSS ने तिरंगे का कड़ा विरोध किया था और सरदार पटेल ने उन्हें चेतावनी भी दी थी। कभी सड़क के फुटपाथ पर, कभी संसद कर्मचारियों की पोशाक में, कभी दूरदर्शन के लोगो पर और अब खिलाड़ियों की जर्सी में - बिना व्यापक जन-सहमति के।"

इस कदम की समीक्षा की मांग करते हुए खड़गे ने कहा, "राष्ट्रीय प्रतीकों, खेलों और खिलाड़ियों को संकीर्ण राजनीतिक प्रयोगों का ज़रिया नहीं बनाया जाना चाहिए। सरकार और संबंधित संस्थानों को इस फ़ैसले पर तुरंत पुनर्विचार करना चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि हॉकी इंडिया के कार्यकारी बोर्ड की जानकारी और सहमति के बिना इतना महत्वपूर्ण फ़ैसला कैसे लिया गया।" यह बात तब सामने आई है जब हॉकी इंडिया ने FIH पुरुष और महिला हॉकी वर्ल्ड कप से पहले सीनियर पुरुष और महिला नेशनल टीमों के लिए नई नारंगी प्राइमरी जर्सी पेश की है। ये वर्ल्ड कप नीदरलैंड और बेल्जियम में 14 और 15 अगस्त से शुरू होने वाले हैं।

जर्सी बदलने से एक राजनीतिक और खेल से जुड़ी बहस छिड़ गई है। आलोचक भारतीय हॉकी टीम की लंबे समय से चली आ रही नीली पहचान को बदलने पर सवाल उठा रहे हैं।

हॉकी इंडिया के प्रेसिडेंट दिलीप कुमार टिर्की ने पहले कहा था कि यह बदलाव खिलाड़ियों, कोच और सपोर्ट स्टाफ के सुझावों के बाद किया गया है। उन्हें लगा कि नीले हॉकी टर्फ पर नीली प्लेइंग किट की वजह से विज़िबिलिटी (साफ़ दिखाई देने) में दिक्कत होती है।

उन्होंने कहा कि विकल्पों में से पीले रंग के बजाय नारंगी रंग को इसलिए चुना गया क्योंकि यह भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रंगों में से एक है। उन्होंने यह भी कहा कि टूर्नामेंट के बाद खिलाड़ियों के फ़ीडबैक के आधार पर इस फ़ैसले पर दोबारा विचार करने के लिए फ़ेडरेशन तैयार है।

Tags:    

Similar News