नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के नए आयुक्त अनुराग कुमार ने पदभार संभालने के बाद महज दो सप्ताह के भीतर ही पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। आयुक्त के निर्देश पर दो दिनों के अंदर 40 थाना प्रभारियों (SHO) का तबादला कर दिया गया है। इस बड़े फेरबदल के बाद दिल्ली पुलिस महकमे में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और अब कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
जानकारी के मुताबिक, नए पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने गुरुवार को 30 SHO के तबादले के आदेश जारी किए, जबकि शुक्रवार को 10 और थाना प्रभारियों को नई जिम्मेदारियां सौंप दी गईं। सभी स्थानांतरित इंस्पेक्टरों को तत्काल प्रभाव से अपनी नई तैनाती संभालने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें संबंधित जिले और यूनिट के डीसीपी को रिपोर्ट करने को कहा गया है।
दिल्ली पुलिस में इतने कम समय में इतने बड़े स्तर पर SHO के तबादले को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आमतौर पर थाना प्रभारियों को उनके कामकाज, अपराध नियंत्रण और प्रदर्शन के आधार पर एक निश्चित अवधि तक जिम्मेदारी दी जाती है। लेकिन इस बार कई ऐसे SHO को भी बदला गया है, जिन्हें पूर्व पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा के कार्यकाल में कुछ ही महीने पहले तैनाती मिली थी।
इस अचानक हुए बदलाव को लेकर पुलिस विभाग में अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि दिल्ली पुलिस की ओर से इन तबादलों के पीछे कोई आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। कुछ अधिकारियों का मानना है कि नए पुलिस आयुक्त अपनी टीम के साथ काम करने के लिए नई व्यवस्था तैयार कर रहे हैं और यह कदम पुलिस प्रशासन को बेहतर बनाने की दिशा में उठाया गया है।
वहीं, कुछ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बार-बार होने वाले तबादलों से थानों के कामकाज पर असर पड़ सकता है। उनका मानना है कि थाना प्रभारी को इलाके की व्यवस्था समझने, अपराधियों पर नियंत्रण बनाने और स्थानीय स्तर पर बेहतर तालमेल स्थापित करने में समय लगता है। ऐसे में जल्दी-जल्दी बदलाव से कार्यप्रणाली प्रभावित होने की संभावना रहती है।
सूत्रों के अनुसार, इस फेरबदल में कई महत्वपूर्ण थानों के SHO भी शामिल हैं। महरौली, फतेहपुर बेरी, मयूर विहार, गोविंदपुरी और सीआर पार्क जैसे बड़े थानों में तैनात पांच थाना प्रभारियों को फील्ड ड्यूटी से हटाकर सुरक्षा और पीसीआर जैसी नॉन-फील्ड यूनिट्स में भेजा गया है।
अब चर्चा है कि SHO स्तर पर बदलाव के बाद दिल्ली पुलिस में उच्च अधिकारियों के स्तर पर भी फेरबदल किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, विशेष आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, डीसीपी और एडिशनल डीसीपी रैंक के अधिकारियों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव संभव है।
दिल्ली पुलिस में नए नेतृत्व के आने के बाद प्रशासनिक बदलाव पहले भी देखने को मिलते रहे हैं। इससे पहले पूर्व पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने राकेश अस्थाना के कार्यकाल के कई फैसलों में बदलाव किए थे। इनमें पीसीआर वैन को थानों के साथ जोड़ने का फैसला भी शामिल था। वहीं, पूर्व आयुक्त सतीश गोलछा ने भी पुलिस प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए ट्रांसफर नीति में बदलाव किए थे।
अनुराग कुमार के इस शुरुआती कदम को पुलिस विभाग में नई कार्यशैली की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि आने वाले दिनों में वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर क्या बदलाव किए जाते हैं और नए पुलिस आयुक्त दिल्ली की कानून व्यवस्था को लेकर किस तरह की रणनीति अपनाते हैं।