नई दिल्ली। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (IGI Airport) पर स्पाइसजेट की दिल्ली-पुणे उड़ान के यात्रियों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा। उड़ान संख्या SG 939 छह घंटे से अधिक की देरी के बाद आखिरकार रद कर दी गई, जिसके कारण 180 से ज्यादा यात्री एयरपोर्ट पर ही फंसे रहे। यात्रियों ने एयरलाइन प्रबंधन पर कुप्रबंधन, सही जानकारी नहीं देने और यात्रियों की सुविधाओं का ध्यान नहीं रखने का आरोप लगाया।
जानकारी के अनुसार, स्पाइसजेट की यह उड़ान 27 जुलाई की रात 9:15 बजे दिल्ली से पुणे के लिए रवाना होने वाली थी। इसके लिए यात्रियों का बोर्डिंग समय रात 8:45 बजे निर्धारित किया गया था। लेकिन तय समय पर विमान उड़ान नहीं भर सका और यात्री लगातार एयरपोर्ट पर इंतजार करते रहे।
यात्रियों का आरोप है कि शुरुआत में उन्हें फ्लाइट में देरी का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। लंबे इंतजार के बावजूद एयरलाइन की ओर से कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई, जिससे यात्रियों में नाराजगी बढ़ती गई। कई यात्री रातभर एयरपोर्ट पर परेशान होते रहे और उन्हें यह तक पता नहीं था कि फ्लाइट उड़ान भरेगी या नहीं।
बताया गया कि करीब छह घंटे से ज्यादा समय तक इंतजार करने के बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई। रात 2 बजे से लेकर सुबह 3:30 बजे तक यात्रियों को फ्लाइट की स्थिति के बारे में कोई सही जानकारी नहीं दी गई। आखिरकार तड़के फ्लाइट को रद करने का फैसला लिया गया।
फ्लाइट रद होने से यात्रियों में गुस्सा फैल गया। एयरपोर्ट पर मौजूद स्पाइसजेट कर्मचारियों और यात्रियों के बीच तीखी बहस भी हुई। हालात बिगड़ने पर सुरक्षाकर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। यात्रियों ने आरोप लगाया कि इतनी लंबी देरी के दौरान एयरलाइन की ओर से खाने-पीने की पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं की गई।
यात्री रमेश चंद्र सोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी परेशानी साझा की। उन्होंने बोर्डिंग पास की तस्वीर पोस्ट करते हुए डीजीसीए, प्रधानमंत्री कार्यालय और एयरपोर्ट अथॉरिटी से हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि विमान में कई घंटों से मेंटेनेंस का काम चल रहा था, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हुई।
रमेश सोनी ने बताया कि वह डायबिटीज के मरीज हैं और इतने लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने से उनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि विमान में तकनीकी समस्या थी तो यात्रियों को समय पर जानकारी देकर वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई।
यात्रियों ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय और डीजीसीए से मामले की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यात्रियों को छह घंटे से ज्यादा समय तक बिना स्पष्ट जानकारी के एयरपोर्ट पर रोके रखना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने एयरलाइन से बेहतर प्रबंधन और यात्रियों के अधिकारों को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की।
वहीं, स्पाइसजेट ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि 27 जुलाई 2026 को दिल्ली से पुणे जाने वाली उड़ान SG 939 तकनीकी खराबी के कारण पहले विलंबित हुई और बाद में रद करनी पड़ी। एयरलाइन के प्रवक्ता ने बताया कि यात्रियों की असुविधा को कम करने के लिए प्रभावित यात्रियों के लिए एक अतिरिक्त उड़ान संचालित की गई।
स्पाइसजेट ने यात्रियों को हुई परेशानी के लिए खेद भी जताया। एयरलाइन का कहना है कि सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए तकनीकी समस्या आने पर उड़ान रद करने का निर्णय लिया गया।
इस घटना के बाद एक बार फिर एयरलाइनों की देरी, यात्रियों को समय पर जानकारी देने और आपात स्थिति में सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। यात्रियों का कहना है कि उड़ान में देरी होना अलग बात है, लेकिन लंबे समय तक बिना सूचना और सुविधाओं के यात्रियों को इंतजार करवाना स्वीकार्य नहीं है। अब देखना होगा कि इस मामले में डीजीसीए या संबंधित विभाग की ओर से कोई जांच या कार्रवाई की जाती है या नहीं।