नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में एक होटल में 22 वर्षीय मेकअप आर्टिस्ट से कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि इंस्टाग्राम के जरिए दोस्त बने एक युवक ने उसे कथित तौर पर नशीला पदार्थ मिला कोल्ड ड्रिंक पिलाया और बेहोशी की हालत में उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद युवती की हालत गंभीर होने पर उसे राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पुलिस के अनुसार, पीड़िता पेशे से मेकअप आर्टिस्ट है। उसकी कुछ समय पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से आरोपी युवक से जान-पहचान हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत होने लगी। आरोप है कि इसी जान-पहचान का फायदा उठाते हुए युवक ने पीड़िता को मिलने के लिए बुलाया। दोनों मुखर्जी नगर इलाके में स्थित एक होटल पहुंचे, जहां कथित घटना हुई।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि होटल में युवक ने उसे कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए दी। इसे पीने के कुछ समय बाद उसे चक्कर आने लगे और वह कथित तौर पर बेहोश हो गई। आरोप है कि इसी अवस्था का फायदा उठाकर युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। होश में आने के बाद युवती की तबीयत खराब हो गई और उसकी हालत लगातार बिगड़ने लगी।

युवती की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। बाद में उसे दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार किया गया। मामला सामने आने के बाद पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत और उसके बयान के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अब घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच के दौरान होटल से जुड़े रिकॉर्ड, वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य संभावित साक्ष्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण हो सकती है। इसके अलावा आरोपी और पीड़िता के बीच सोशल मीडिया पर हुई बातचीत तथा मोबाइल फोन से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है। इन सभी पहलुओं के आधार पर पुलिस घटना के संबंध में तथ्य जुटाने का प्रयास कर रही है।

आरोपी की पहचान और उसकी तलाश को लेकर भी पुलिस कार्रवाई कर रही है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस की कोशिश है कि मामले से जुड़े सभी साक्ष्य सुरक्षित किए जाएं और पीड़िता के आरोपों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस मामले में मेडिकल जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कथित तौर पर नशीला पदार्थ दिए जाने के आरोप की पुष्टि के लिए मेडिकल रिपोर्ट और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों की भूमिका अहम हो सकती है। पुलिस इन रिपोर्टों और उपलब्ध सबूतों के आधार पर अपनी जांच आगे बढ़ाएगी। हालांकि, जांच पूरी होने तक आरोपों को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

मामला सोशल मीडिया के जरिए हुई दोस्ती से जुड़ा होने के कारण ऑनलाइन संपर्क और व्यक्तिगत सुरक्षा का विषय भी एक बार फिर चर्चा में आया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी व्यक्ति से परिचय होने के बाद वास्तविक जीवन में मुलाकात के दौरान सावधानी बरतना महत्वपूर्ण माना जाता है। ऑनलाइन प्रोफाइल पर उपलब्ध जानकारी हमेशा किसी व्यक्ति की वास्तविक पहचान या इरादों की पुष्टि नहीं करती।

विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि सोशल मीडिया के माध्यम से पहली बार मिले किसी व्यक्ति से मुलाकात के लिए सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाली जगह को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही किसी भरोसेमंद व्यक्ति को मुलाकात के स्थान और समय के बारे में जानकारी देना सुरक्षा की दृष्टि से उपयोगी हो सकता है। अनजान व्यक्ति की ओर से दिए गए खुले पेय पदार्थ या खाद्य सामग्री को लेकर भी सावधानी बरतना जरूरी है।

मुखर्जी नगर दिल्ली का व्यस्त इलाका है और यहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा रहते हैं। इलाके में होटल, पीजी और किराये के मकानों की संख्या भी काफी अधिक है। ऐसे में कथित घटना सामने आने के बाद होटल की भूमिका और वहां उपलब्ध रिकॉर्ड भी पुलिस जांच का हिस्सा बन सकते हैं।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि आरोपी और पीड़िता होटल में कब पहुंचे थे, वहां कितने समय तक रहे और इसके बाद क्या घटनाक्रम हुआ। होटल के प्रवेश और निकास क्षेत्र की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने की स्थिति में उससे जांच को महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। इसके अलावा होटल के कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा सकती है।

पीड़िता के आरोपों के अनुसार उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया गया था। ऐसे में पुलिस यह भी जांच सकती है कि पेय पदार्थ कहां से लाया गया था और उसमें किसी प्रकार का नशीला पदार्थ मिलाए जाने के संबंध में कोई साक्ष्य उपलब्ध है या नहीं। मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट से इस संबंध में स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।

घटना के बाद पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराए जाने और मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है। जांच एजेंसी के सामने अब सबसे महत्वपूर्ण चुनौती आरोपी तक पहुंचने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करने की है।

फिलहाल पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच जारी है। आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। जांच आगे बढ़ने और मेडिकल तथा अन्य साक्ष्यों की रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले से जुड़ी परिस्थितियां और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

 

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