बेटे की नौकरी नहीं लगी तो मांगे रुपये, विवाद में निगम कर्मचारी पर धारदार हथियार से हमला
पिता-पुत्र पर जानलेवा हमले का आरोप
नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार इलाके में नौकरी दिलाने के सिलसिले में दिए गए कथित 3500 रुपये का विवाद हिंसक हो गया। आरोप है कि रकम वापस मांगने को लेकर हुई कहासुनी के दौरान दिल्ली नगर निगम के एक कर्मचारी पर धारदार हथियार से हमला किया गया। घायल को उसके दोस्त ने गुरु तेग बहादुर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मामले में पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में पैसों का लेनदेन सामने आया है, जबकि घटना में शामिल लोगों की भूमिकाओं की पड़ताल जारी है।
घटना 18 अक्टूबर की शाम करीब पांच बजे सबोली खड्डा, भाग-दो की गली नंबर एक में गुल्लू के मंदिर के पास हुई। घायल की पहचान 34 वर्षीय आशीष के रूप में हुई है, जो दिल्ली नगर निगम में कर्मचारी है। सूचना मिलने पर हर्ष विहार थाने की टीम मौके पर पहुंची। वहां पता चला कि घायल को उसका दोस्त पहले ही अस्पताल ले जा चुका है। इसके बाद पुलिस ने घटना से संबंधित जानकारी जुटाई और आरोपियों की तलाश शुरू की।
घायल कर्मचारी अपने सहकर्मी सोनू सागर के साथ बैठा था। इसी दौरान प्रताप सिंह से जुड़े पैसों के विवाद को लेकर बहस शुरू हुई। पुलिस के अनुसार, कहासुनी बढ़ने पर प्रताप सिंह का बेटा भी वहां पहुंच गया। आरोप है कि इसी दौरान निगम कर्मचारी आशीष पर धारदार वस्तु से हमला किया गया। हमले के बाद आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए। घायल का नाम और गिरफ्तार बेटे का नाम एक जैसा होने के कारण पुलिस विवरण में दोनों की उम्र अलग-अलग बताई गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 54 वर्षीय प्रताप सिंह और उसके 26 वर्षीय बेटे आशीष के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज होने के दो घंटे के भीतर दोनों को पकड़ लिया गया। उनकी पहचान और तलाश में सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय सूचना तथा तकनीकी निगरानी की मदद ली गई। अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपियों का पहले किसी आपराधिक मामले में शामिल होने का रिकॉर्ड नहीं मिला है। हालांकि, मौजूदा मामले में उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच जारी है।
विवाद की पृष्ठभूमि में नौकरी दिलाने के लिए रकम देने का दावा सामने आया है। जांच के अनुसार, प्रताप सिंह ने अपने बेटे राहुल को नगर निगम में नौकरी दिलाने के सिलसिले में सोनू सागर को कथित तौर पर 3500 रुपये दिए थे। प्रताप को संदेह था कि रकम जिस उद्देश्य से दी गई थी, उसमें इस्तेमाल नहीं हुई और सोनू ने उसे अपने पास रख लिया। इसी संदेह के बाद पैसे वापस मांगने को लेकर विवाद बढ़ा। पुलिस के विवरण में रकम लेने वाले सहकर्मी सोनू सागर का नाम सामने आया है, जबकि हमले में घायल व्यक्ति आशीष है। पुलिस के मुताबिक, पैसे लौटाने की मांग के दौरान आशीष से विवाद हुआ और उसके इनकार करने पर हमला किया गया। नौकरी के लिए भुगतान किए जाने का कथित दावा जांच का हिस्सा है। उपलब्ध जानकारी में किसी आधिकारिक नियुक्ति प्रक्रिया अथवा नगर निगम की ओर से नौकरी देने के आश्वासन की पुष्टि नहीं की गई है।
घटना के बाद हर्ष विहार थाने में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। आरोपियों की तलाश के लिए थाना प्रभारी तेज दत्त गौड़ के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। टीम ने नंद नगरी के सहायक पुलिस आयुक्त गौरव कुमार त्रिपाठी की निगरानी में काम किया। पुलिस ने आसपास की गतिविधियों और उपलब्ध फुटेज के आधार पर संदिग्धों तक पहुंच बनाई। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान स्थानीय स्तर पर मिली सूचनाएं भी महत्वपूर्ण रहीं।
फिलहाल मामले में पैसों के भुगतान, वापसी की मांग और हमले के घटनाक्रम को जोड़कर जांच की जा रही है। कथित रकम सोनू सागर को दिए जाने के बावजूद दूसरे कर्मचारी पर हमला होने की परिस्थितियां भी मामले का महत्वपूर्ण पहलू हैं। घायल की मौजूदा चिकित्सकीय स्थिति का विस्तृत विवरण उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं दिया गया है। पुलिस ने आगे की जांच जारी होने की जानकारी दी है। गिरफ्तारी के बाद भी आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच में जुटाए गए साक्ष्यों और अदालती प्रक्रिया के आधार पर होगा।