नरेंद्र बेरवाल ने PM मोदी से साझा किया पाकिस्तान के मुक्केबाज से जुड़ा यादगार किस्सा

Update: 2026-08-10 06:45 GMT

नई दिल्ली। भारतीय हैवीवेट मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत के दौरान 2015 विश्व सैन्य खेलों से जुड़ा एक दिलचस्प और यादगार किस्सा साझा किया। बेरवाल ने उस मुकाबले को याद करते हुए बताया कि उन्होंने एक पाकिस्तानी मुक्केबाज के खिलाफ मुकाबला किया था और जीत के बाद प्रतिद्वंद्वी की ओर से की गई एक असामान्य टिप्पणी लंबे समय तक उनके जेहन में बनी रही।

प्रधानमंत्री के साथ बातचीत के दौरान बेरवाल ने इस घटना का जिक्र करते हुए बताया कि मुकाबले के बाद पाकिस्तानी मुक्केबाज ने उनके नाम को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिसे वह आज भी याद करते हैं। बेरवाल के मुताबिक, उनके प्रतिद्वंद्वी ने कहा था कि उसे ‘नरेंद्र’ नाम से नफरत हो गई है, क्योंकि रिंग में उसका सामना नरेंद्र नाम वाले कई लोगों से हुआ था।

2015 विश्व सैन्य खेलों की घटना

नरेंद्र बेरवाल ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि यह घटना 2015 विश्व सैन्य खेलों के दौरान हुई थी। उस प्रतियोगिता में दुनिया के अलग-अलग देशों के सैन्य खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं और मुक्केबाजी समेत कई खेलों में खिलाड़ी अपने-अपने देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

भारतीय मुक्केबाज का सामना प्रतियोगिता के दौरान पाकिस्तान के एक मुक्केबाज से हुआ। बेरवाल ने बताया कि मुकाबले में जीत हासिल करने के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच हुई बातचीत में उनके नाम को लेकर यह मजेदार टिप्पणी सामने आई।

बेरवाल के मुताबिक, पाकिस्तानी मुक्केबाज ने कहा था, “आपका नाम नरेंद्र है, आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है। मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।”

यह टिप्पणी बेरवाल के लिए एक यादगार पल बन गई। वर्षों बाद प्रधानमंत्री मोदी के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने इसी घटना को साझा किया और बताया कि कैसे एक खेल मुकाबले से जुड़ी यह छोटी-सी घटना उनके साथ बनी रही।

प्रधानमंत्री मोदी के साथ साझा किया किस्सा

बेरवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के दौरान इस घटना को याद किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि मुकाबले में जीत के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ी की प्रतिक्रिया ने उन्हें काफी प्रभावित किया था। घटना को याद करते हुए बेरवाल ने कहा कि प्रतिद्वंद्वी के लिए उस समय ‘नरेंद्र’ नाम मजाकिया तौर पर परेशानी का कारण बन गया था।

इस किस्से में भारतीय मुक्केबाज के नाम के साथ उनके कोच और प्रधानमंत्री का नाम भी जुड़ा था। इसी वजह से पाकिस्तानी मुक्केबाज ने टिप्पणी करते हुए कहा कि उसे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

बेरवाल के अनुसार, यह टिप्पणी मुकाबले के तनावपूर्ण माहौल के बाद एक हल्का-फुल्का और यादगार क्षण लेकर आई थी। खेल के मैदान पर प्रतिद्वंद्विता के बावजूद दोनों खिलाड़ियों के बीच ऐसी बातचीत खेल भावना और मानवीय जुड़ाव की एक झलक भी देती है।

रिंग में मुकाबला, बाहर यादगार पल

मुक्केबाजी में भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों के बीच होने वाले मुकाबले अक्सर लोगों का ध्यान आकर्षित करते हैं। ऐसे मुकाबलों में खिलाड़ियों पर प्रदर्शन का दबाव भी अधिक होता है। हालांकि, मुकाबला समाप्त होने के बाद खिलाड़ियों के बीच होने वाली बातचीत कई बार खेल की प्रतिस्पर्धा से अलग एक मानवीय पहलू सामने लाती है।

नरेंद्र बेरवाल द्वारा सुनाया गया यह किस्सा भी इसी तरह का है। रिंग में दोनों खिलाड़ी एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी थे, लेकिन मुकाबले के बाद हुई बातचीत में एक ऐसी टिप्पणी सामने आई, जिसे भारतीय मुक्केबाज ने वर्षों बाद भी याद रखा।

‘नरेंद्र’ नाम बना मजाक का विषय

इस घटना का सबसे दिलचस्प पहलू ‘नरेंद्र’ नाम था। बेरवाल ने बताया कि उनके कोच का नाम भी नरेंद्र था और उस समय भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी थे। पाकिस्तानी मुक्केबाज ने इसी संयोग को लेकर मजाकिया अंदाज में कहा कि उसे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

बेरवाल ने जब प्रधानमंत्री मोदी को यह किस्सा सुनाया तो यह घटना एक बार फिर चर्चा में आ गई। एक अंतरराष्ट्रीय खेल मुकाबले से जुड़ा यह प्रसंग अब भारतीय मुक्केबाजी से जुड़े उनके अनुभवों में एक खास याद के तौर पर सामने आया है।

खेल से आगे जुड़ती हैं ऐसी यादें

अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में खिलाड़ी अलग-अलग देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं। मुकाबले के दौरान प्रतिस्पर्धा होती है, लेकिन खेल के बाहर खिलाड़ियों के बीच संवाद और दोस्ताना व्यवहार भी देखने को मिलता है। कई बार ऐसे छोटे-छोटे अनुभव खिलाड़ियों के करियर की यादगार घटनाओं का हिस्सा बन जाते हैं।

नरेंद्र बेरवाल के लिए 2015 विश्व सैन्य खेलों का यह मुकाबला भी ऐसा ही अनुभव रहा। पाकिस्तान के मुक्केबाज के खिलाफ जीत के बाद हुई बातचीत में उनके नाम को लेकर की गई टिप्पणी उन्होंने याद रखी और प्रधानमंत्री के साथ साझा की।

बेरवाल का यह किस्सा भारत-पाकिस्तान के बीच खेल प्रतिद्वंद्विता के बीच एक हल्के-फुल्के मानवीय पल को सामने लाता है। मुकाबले में जीत और हार के अलावा खिलाड़ियों के बीच होने वाली बातचीत और अनुभव भी खेल की यादों को खास बनाते हैं।

2015 के उस मुकाबले के वर्षों बाद नरेंद्र बेरवाल द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के साथ साझा किया गया यह किस्सा अब उनकी खेल यात्रा से जुड़ी एक दिलचस्प स्मृति के रूप में सामने आया है। ‘नरेंद्र’ नाम को लेकर पाकिस्तानी मुक्केबाज की वह टिप्पणी बेरवाल के लिए इतनी यादगार रही कि उन्होंने इसे प्रधानमंत्री के साथ हुई बातचीत में भी साझा किया।

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