NEET विवाद: गृह मंत्री के बयान की मांग पर विपक्ष का वॉकआउट

Update: 2026-07-30 08:23 GMT

नई दिल्ली। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET के कथित पेपर लीक मामले को लेकर गुरुवार को संसद के मानसून सत्र में विपक्ष ने सरकार के खिलाफ विरोध जताया। कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों के सदस्यों ने राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष की मांग थी कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर उस पुलिस कार्रवाई पर बयान दें, जिसमें NEET पेपर लीक का विरोध कर रहे छात्रों पर कथित तौर पर बल प्रयोग किया गया था।

राज्यसभा में गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद जैसे ही कागजात रखे गए, विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्षी सांसदों ने मांग की कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में मौजूद होकर 20 जुलाई को हुई पुलिस कार्रवाई के बारे में स्थिति स्पष्ट करें।

विपक्ष का आरोप है कि NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने सख्ती बरती। विपक्षी नेताओं ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और पैलेट गन के इस्तेमाल की भी बात सामने आई है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है।

कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने सदन में 'पॉइंट ऑफ ऑर्डर' उठाते हुए कहा कि संविधान के अनुसार मंत्रिपरिषद संसद के प्रति जवाबदेह और उत्तरदायी है। उन्होंने कहा कि जब छात्रों से जुड़े गंभीर मामले सामने आते हैं, तो सरकार की ओर से जवाब दिया जाना जरूरी है।

प्रमोद तिवारी ने कहा कि छात्रों पर कार्रवाई के मामले में गृह मंत्री को सदन में आकर जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह विपक्ष की जायज मांग है कि सरकार इस विषय पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे और संसद को घटनाक्रम की जानकारी दी जाए।

विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा से जुड़े सवालों पर सरकार को संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए और प्रदर्शन कर रहे छात्रों की चिंताओं का समाधान करना चाहिए।

वहीं, सत्ता पक्ष की ओर से इस मुद्दे पर तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी गई। सदन में हंगामे के बीच विपक्षी सांसद अपनी मांगों को लेकर नारे लगाते रहे। इसके बाद विपक्षी दलों ने सदन से बाहर जाने का फैसला किया।

NEET परीक्षा को लेकर पिछले कुछ समय से देशभर में विवाद चल रहा है। विपक्ष लगातार परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित पेपर लीक और छात्रों की परेशानियों को लेकर सरकार को घेर रहा है। विपक्ष का कहना है कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले में केंद्र सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

सरकार की ओर से पहले भी कहा गया है कि परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है।

राज्यसभा में हुआ यह हंगामा ऐसे समय में हुआ है जब संसद में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा चल रही है। विपक्षी दलों ने NEET मामले को छात्रों से जुड़े बड़े मुद्दे के रूप में उठाते हुए सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई है।

विपक्ष का कहना है कि संसद में जवाबदेही तय करना जरूरी है और गृह मंत्री या संबंधित मंत्री को सदन में आकर पूरी जानकारी देनी चाहिए। वहीं, सरकार का रुख है कि मामले की जांच जारी है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।

फिलहाल NEET विवाद को लेकर राजनीतिक टकराव जारी है। संसद के अंदर और बाहर विपक्ष इस मुद्दे को उठाता रहेगा, जबकि सरकार की ओर से जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के आधार पर जवाब दिए जाने की संभावना है।

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