पुलिस कार्रवाई पर विपक्ष की तैयारी, बैठक स्थगित

Update: 2026-07-27 11:45 GMT

नई दिल्ली: प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसदों की ओर से आवाज उठाने की तैयारी के बीच सोमवार को गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक रद्द कर दी गई। सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी सांसद इस बैठक में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित कार्रवाई, जिसमें पैलेट गन के इस्तेमाल का आरोप भी शामिल है, पर चर्चा की मांग करने वाले थे।

हालांकि, बैठक रद्द होने का आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है। समिति से जुड़े सूत्रों ने बताया कि सांसदों को बैठक स्थगित होने की जानकारी दी गई और इसके पीछे “अनिवार्य कारणों” का हवाला दिया गया।

विपक्षी सूत्रों के अनुसार, कई सांसद इस मुद्दे को समिति के सामने उठाने की तैयारी में थे। इनमें कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ'ब्रायन सहित अन्य विपक्षी सांसदों के नाम शामिल हैं। उनका कहना था कि छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और कानून-व्यवस्था से जुड़े इस विषय पर संसदीय स्तर पर चर्चा जरूरी है।

सूत्रों ने बताया कि विपक्ष यह मांग नहीं कर रहा था कि चर्चा केवल सोमवार की बैठक में ही हो, लेकिन वह चाहता था कि इस विषय पर जल्द से जल्द बातचीत हो। विपक्षी दलों का मानना है कि छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई की समीक्षा की जानी चाहिए और इससे जुड़े सवालों पर जवाब मांगा जाना चाहिए।

विपक्षी सांसदों का आरोप है कि कुछ छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए और किसी भी कथित ज्यादती की जांच होनी चाहिए।

इससे पहले भी विपक्षी दलों ने संसद में छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर तत्काल चर्चा की मांग की थी। विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे पर नोटिस देकर सरकार से जवाब मांगा था।

वहीं, सरकार की ओर से इस मामले पर अभी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सरकारी पक्ष आमतौर पर कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में संबंधित राज्य सरकार और प्रशासन की भूमिका का हवाला देता है।

गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति संसद की महत्वपूर्ण समितियों में से एक है, जो गृह मंत्रालय से जुड़े विषयों की समीक्षा करती है। समिति में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद शामिल होते हैं और यहां नीतियों, प्रशासनिक फैसलों तथा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाती है।

छात्रों के प्रदर्शन और उनसे जुड़ी पुलिस कार्रवाई का मुद्दा हाल के दिनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। विपक्षी दल लगातार मांग कर रहे हैं कि ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

विपक्षी नेताओं का कहना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दे केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के अधिकारों से भी जुड़े हैं। इसलिए इन पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए।

बैठक रद्द होने के बाद अब विपक्षी सांसद इस मुद्दे को अगली बैठक या संसद के अन्य मंचों पर उठाने की तैयारी कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, उनका उद्देश्य इस विषय पर जल्द चर्चा कराना है ताकि प्रदर्शनकारी छात्रों से जुड़े मामलों पर सरकार का पक्ष सामने आ सके।

फिलहाल संसदीय समिति की बैठक दोबारा कब होगी, इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। विपक्ष की ओर से इस मुद्दे को आगे भी उठाए जाने की संभावना है।

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