नई दिल्ली। भारत ने शनिवार को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और गौरव के साथ मनाया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद अपने भाषण में भारत की विकास यात्रा, आत्मनिर्भरता और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प का खाका प्रस्तुत किया।
अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों, महात्मा गांधी, क्रांतिकारियों और उन सभी वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता का यह पर्व उन महान आत्माओं के त्याग और बलिदान का परिणाम है, जिन्होंने भारत को आजाद कराने के लिए संघर्ष किया।
स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को किया याद
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की आजादी केवल एक राजनीतिक परिवर्तन नहीं था, बल्कि यह करोड़ों भारतीयों के संघर्ष, साहस और एकता का परिणाम था। उन्होंने महात्मा गांधी सहित देश के सभी स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके आदर्श आज भी देश को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि आज का भारत अपने गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए भविष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश की युवा शक्ति, वैज्ञानिक क्षमता और मेहनत करने वाले नागरिक भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। सरकार, उद्योग, युवा, किसान, वैज्ञानिक और समाज के सभी वर्ग मिलकर भारत को नई दिशा दे सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत को आर्थिक रूप से मजबूत, तकनीकी रूप से सक्षम और सामाजिक रूप से सशक्त राष्ट्र बनाना है।
वंदे मातरम की प्रस्तुति को बताया ऐतिहासिक
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल किले पर वंदे मातरम की प्रस्तुति का भी प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि यह गीत देश की स्वतंत्रता भावना और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान करोड़ों भारतीयों में नई ऊर्जा और साहस का संचार किया था। आज भी यह देशवासियों को एकता और देशप्रेम का संदेश देता है।
विकास की गति और आत्मनिर्भर भारत पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में भारत ने कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। देश ने तकनीक, रक्षा, अंतरिक्ष, उद्योग और डिजिटल क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित की है।
उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि भारत अब अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ दुनिया के लिए समाधान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में नई संभावनाएं पैदा हो रही हैं और युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार हो रहा है।
चुनौतियों के बीच मजबूत भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियां सामने हैं, लेकिन भारत हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि देश ने बीते वर्षों में ऐसी व्यवस्थाएं विकसित की हैं, जिससे संकट के समय भी भारत मजबूती से खड़ा रह सके।
उन्होंने कहा कि भारत का आत्मविश्वास आज पहले से कहीं अधिक मजबूत है और देश अपने लक्ष्यों को हासिल करने की क्षमता रखता है।
युवाओं से किया आह्वान
प्रधानमंत्री ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं और उनकी ऊर्जा देश को नई दिशा दे सकती है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना केवल सरकार का नहीं बल्कि पूरे देश का संकल्प है। हर नागरिक के छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं।
देशवासियों को दिया एकता का संदेश
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत की शक्ति उसकी विविधता और एकता में है।
लाल किले से प्रधानमंत्री का संदेश देश की विकास यात्रा, आत्मनिर्भरता और भविष्य के बड़े लक्ष्यों पर केंद्रित रहा। उन्होंने कहा कि भारत आने वाले वर्षों में दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ेगा।