दिल्ली : केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निदेशक राहुल नवीन के कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ा दिया है। उनका मौजूदा कार्यकाल 13 अगस्त 2026 को समाप्त होने वाला था, लेकिन अब वह 13 अगस्त 2027 तक इस पद पर बने रहेंगे। सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यह विस्तार उनकी निर्धारित सेवानिवृत्ति की तारीख 31 जुलाई 2027 के बाद भी प्रभावी रहेगा। हालांकि, आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि इससे पहले कोई नया आदेश जारी होता है, तो उनका कार्यकाल उससे पहले समाप्त किया जा सकता है।
राहुल नवीन भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के 1993 बैच के अधिकारी हैं। वह आयकर विभाग में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं और वित्तीय मामलों की जांच से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। 59 वर्षीय राहुल नवीन को सितंबर 2023 में प्रवर्तन निदेशालय का कार्यवाहक निदेशक नियुक्त किया गया था। इसके बाद 14 अगस्त 2024 को उन्हें ईडी का पूर्णकालिक निदेशक बनाया गया। अब केंद्र सरकार के नए फैसले के बाद वह अगस्त 2027 तक इस जिम्मेदारी को संभालेंगे।
प्रवर्तन निदेशालय देश की प्रमुख वित्तीय जांच एजेंसियों में शामिल है। एजेंसी मुख्य रूप से धन शोधन रोकथाम अधिनियम (PMLA), विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) और भगोड़े आर्थिक अपराधी कानून के तहत मामलों की जांच करती है। ईडी की कार्रवाई में मनी लॉन्ड्रिंग, आर्थिक अपराध, अवैध संपत्ति और विदेशी मुद्रा से जुड़े मामलों की जांच शामिल होती है।
राहुल नवीन के कार्यकाल के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने कई चर्चित और हाई-प्रोफाइल मामलों में जांच को आगे बढ़ाया। इनमें राजनीतिक सलाह देने वाली कंपनी आई-पैक, अनिल अंबानी समूह और ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों से जुड़े मामले भी शामिल रहे हैं। इसके अलावा एजेंसी ने रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामलों में भी कार्रवाई की। कई मामलों में घर खरीदारों से कथित तौर पर धोखाधड़ी और धन के दुरुपयोग की जांच की गई।
ईडी ने धन शोधन रोकथाम कानून के तहत कार्रवाई करते हुए कथित अपराध से जुड़ी संपत्तियों को जब्त करने के साथ-साथ पीड़ितों को उनकी संपत्तियां वापस दिलाने की दिशा में भी काम किया है। एजेंसी की ओर से पुराने मामलों के निपटारे पर भी जोर दिया गया। इनमें विदेशी मुद्रा विनियमन कानून से जुड़े कई वर्षों पुराने मामलों को खत्म करने की प्रक्रिया शामिल है। इसके साथ ही विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के तहत लंबित मामलों के निपटारे की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं।
ईडी निदेशक के कार्यकाल को लेकर नियमों में समय-समय पर बदलाव किए गए हैं। सामान्य तौर पर निदेशक का शुरुआती कार्यकाल दो साल का होता है। इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से एक-एक साल के विस्तार दिए जा सकते हैं। नियमों के तहत अधिकतम तीन ऐसे विस्तार की व्यवस्था है। राहुल नवीन के मामले में केंद्र सरकार ने अब एक और साल का विस्तार देने का फैसला किया है।
राहुल नवीन की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी काफी मजबूत रही है। उन्होंने IIT कानपुर से बीटेक और एमटेक की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की स्विनबर्न यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से MBA किया। प्रशासनिक और जांच संबंधी जिम्मेदारियों के अलावा उन्होंने प्रत्यक्ष कर, अंतरराष्ट्रीय कराधान और ट्रांसफर प्राइसिंग जैसे विषयों पर किताबें और लेख भी लिखे हैं।
राहुल नवीन के नेतृत्व में ईडी के सामने आने वाले समय में भी कई महत्वपूर्ण वित्तीय और आर्थिक अपराधों की जांच को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। केंद्र सरकार की ओर से कार्यकाल बढ़ाए जाने का मतलब है कि एजेंसी के शीर्ष स्तर पर नेतृत्व में तत्काल बदलाव नहीं होगा। इससे पहले से चल रही कई महत्वपूर्ण जांचों में निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
राहुल नवीन का नया कार्यकाल 13 अगस्त 2026 से प्रभावी होकर 13 अगस्त 2027 तक रहेगा। हालांकि, सरकार के आदेश में यह प्रावधान भी रखा गया है कि यदि आवश्यकता के अनुसार इससे पहले कोई नया आदेश जारी किया जाता है, तो उनका कार्यकाल निर्धारित तारीख से पहले भी समाप्त किया जा सकता है। फिलहाल केंद्र के इस फैसले के बाद राहुल नवीन अगले एक साल तक देश की प्रमुख वित्तीय जांच एजेंसी ईडी की कमान संभालते रहेंगे।