PM मोदी का वीडियो हटाना पड़ा भारी, Meta अधिकारियों से होगी पूछताछ

Update: 2026-08-03 13:44 GMT

नई दिल्ली :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फेसबुक से वीडियो हटाए जाने के मामले में संसद की सूचना प्रौद्योगिकी (IT) संबंधी स्थायी समिति ने सोमवार को सख्त रुख अपनाया। राजधानी दिल्ली में हुई समिति की बैठक में सोशल मीडिया कंपनी मेटा के अधिकारियों को बुलाकर इस मामले पर जवाब मांगा गया। बैठक के दौरान कई सांसदों ने मेटा के प्रतिनिधियों से तीखे सवाल पूछे और कहा कि यह मामला केवल माफी मांगने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए जिम्मेदारी तय होना भी जरूरी है।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में मेटा अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो हटाए जाने को तकनीकी गलती बताया और इसके लिए खेद व्यक्त किया। कंपनी की ओर से कहा गया कि यह कार्रवाई किसी जानबूझकर किए गए फैसले का परिणाम नहीं थी, बल्कि तकनीकी समस्या के कारण वीडियो कुछ समय के लिए प्लेटफॉर्म से हट गया था। हालांकि, समिति के कई सदस्यों ने मेटा की सफाई पर असंतोष जताया और कहा कि इतने बड़े स्तर पर हुई गलती को केवल तकनीकी खामी बताकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

सांसदों ने सवाल उठाया कि अगर देश के प्रधानमंत्री से जुड़े कंटेंट के साथ ऐसी घटना हो सकती है तो आम यूजर्स के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म किस तरह व्यवहार करते होंगे। समिति के सदस्यों ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। उन्होंने वीडियो हटाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच करने और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की मांग भी की।

बैठक में मेटा के अधिकारियों से उनके प्लेटफॉर्म पर मौजूद आपत्तिजनक और विवादित सामग्री को लेकर भी सवाल किए गए। समिति ने कंपनी से पूछा कि ऐसे कंटेंट को रोकने के लिए क्या-क्या कदम उठाए जा रहे हैं और शिकायतों के निपटारे के लिए क्या व्यवस्था है। इसके अलावा, कंपनी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी प्रणाली और कंटेंट मॉडरेशन प्रक्रिया की जानकारी भी मांगी गई।

दरअसल, हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक फेसबुक पोस्ट को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। यह पोस्ट भारत के युवाओं को संबोधित करने और पेपर लीक जैसी समस्याओं के खिलाफ सरकार के कदमों से जुड़ी थी। कुछ समय के लिए यह वीडियो फेसबुक पर उपलब्ध नहीं रहा, जिसके बाद केंद्र सरकार ने मेटा के शीर्ष अधिकारियों से जवाब मांगा था।

मेटा ने बाद में सरकार को जानकारी दी थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कुछ अन्य प्रमुख हस्तियों के सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़े पोस्ट पर अब अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी। कंपनी ने बताया कि ऐसे महत्वपूर्ण अकाउंट्स की पोस्ट की समीक्षा के लिए कई स्तरों पर जांच प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी भी शामिल होगी।

वहीं, इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है। हैदराबाद साइबर अपराध पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं की शिकायत पर कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं और मेटा इंडिया के प्रमुख के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी कानून की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

भाजपा की तेलंगाना यूनिट की सोशल मीडिया टीम से जुड़े एक सदस्य ने 29 जुलाई को इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने आपत्तिजनक सामग्री साझा की और प्लेटफॉर्म की ओर से इसे रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।

संसदीय समिति की बैठक में हुई चर्चा के बाद अब मेटा की भूमिका और सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो गई है। समिति का जोर इस बात पर है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए।

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