नई दिल्ली : दिल्ली में ऐप आधारित फूड डिलीवरी सेवाओं पर रोक लगाए जाने की खबरों को दिल्ली पुलिस ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही इन खबरों को पुलिस ने शनिवार को गलत और भ्रामक बताया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि राजधानी में ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेवाओं को बंद करने या प्रतिबंधित करने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
दिल्ली पुलिस ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित की जा रही ऐसी सूचनाएं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि नई दिल्ली जिले में ऐप आधारित फूड डिलीवरी सेवाओं पर रोक लगा दी गई है, पूरी तरह तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि किए किसी भी जानकारी को आगे साझा न करें और अफवाहों से बचें।
पुलिस के अनुसार, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से केवल एक यात्रा संबंधी सलाह (ट्रैवल एडवाइजरी) जारी की गई है। इस एडवाइजरी का उद्देश्य किसी सेवा को रोकना नहीं, बल्कि यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि कुछ चिन्हित इलाकों में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही और भीड़ जमा होने की स्थिति को देखते हुए वाहन चालकों को उन रास्तों से बचने की सलाह दी गई है। इन क्षेत्रों में यातायात दबाव बढ़ने और कानून-व्यवस्था से जुड़ी संभावित चुनौतियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य आम जनता को किसी तरह की परेशानी से बचाना है। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने और आपातकालीन सेवाओं के संचालन को बेहतर बनाए रखने के लिए समय-समय पर ऐसी एडवाइजरी जारी की जाती हैं।
पुलिस ने साफ किया कि फूड डिलीवरी कंपनियों या ऐप आधारित सेवाओं के संचालन पर किसी प्रकार की रोक नहीं है। लोग पहले की तरह ऑनलाइन माध्यम से भोजन और अन्य सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। हालांकि, कुछ विशेष इलाकों में यातायात प्रतिबंध या मार्ग परिवर्तन के कारण डिलीवरी कर्मियों को आने-जाने में असुविधा हो सकती है, लेकिन यह किसी सेवा पर प्रतिबंध नहीं है।
सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों के कारण कई लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। कुछ पोस्ट और संदेशों में दावा किया जा रहा था कि नई दिल्ली जिले में फूड डिलीवरी सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इन दावों के बाद दिल्ली पुलिस ने स्थिति स्पष्ट करते हुए लोगों को सही जानकारी दी।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संवेदनशील जानकारी को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करें। गलत सूचनाएं न केवल भ्रम पैदा करती हैं, बल्कि कई बार प्रशासनिक व्यवस्था और आम लोगों के लिए अनावश्यक परेशानी भी खड़ी कर सकती हैं।
दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आयोजन, भीड़ या विशेष परिस्थिति के दौरान सुरक्षा कारणों से यातायात प्रबंधन के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते हैं। इन उपायों को किसी सेवा पर प्रतिबंध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
राजधानी में ऐप आधारित सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए पुलिस की यह सफाई राहत देने वाली है। फूड डिलीवरी कंपनियों के डिलीवरी पार्टनर भी अब बिना किसी भ्रम के अपना काम जारी रख सकते हैं। हालांकि, उन्हें सलाह दी गई है कि वे यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करें और प्रतिबंधित या भीड़ वाले क्षेत्रों में जाने से पहले स्थिति की जानकारी लें।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के दौर में अफवाहें तेजी से फैलती हैं, जिससे लोगों में अनावश्यक चिंता पैदा हो सकती है। ऐसे मामलों में आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर भरोसा करना सबसे बेहतर तरीका है।
फिलहाल दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐप आधारित फूड डिलीवरी सेवाओं पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। जारी की गई एडवाइजरी केवल यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए है। पुलिस ने नागरिकों से सहयोग करने और भ्रामक खबरों से सावधान रहने की अपील की है।