प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी, तीन पुलिसकर्मी घायल

Update: 2026-07-25 15:57 GMT

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को चल रहे प्रदर्शन के दौरान अचानक हिंसा भड़क गई। प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें विशेष पुलिस आयुक्त अनिल शुक्ला समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और भीड़ को पीछे हटाकर हालात पर काबू पाया।

जानकारी के अनुसार, जंतर-मंतर पर सीजेआई से जुड़े प्रदर्शन के बीच दोपहर के समय माहौल अचानक बिगड़ गया। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद भीड़ के एक हिस्से ने पुलिस बैरिकेडिंग के पास हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांत रहने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, लेकिन कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया।

पथराव के दौरान विशेष पुलिस आयुक्त अनिल शुक्ला सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, घायलों की हालत स्थिर बताई गई है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना के समय विशेष पुलिस आयुक्त अनिल शुक्ला अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर मौजूद थे। वह प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान अचानक हुए पथराव में वह और अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए।

घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भीड़ को पीछे हटाना शुरू किया। करीब आधे घंटे तक जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास तनाव की स्थिति बनी रही। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पथराव शुरू होते ही प्रदर्शन स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। पुलिसकर्मियों ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी तो पुलिस को सख्त कदम उठाने पड़े। सीमित बल प्रयोग के बाद प्रदर्शनकारियों को पीछे किया गया और इलाके में शांति बहाल की गई।

घटना के बाद जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार मौके का निरीक्षण करते रहे और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी।

पुलिस ने पथराव करने वाले लोगों की पहचान शुरू कर दी है। इसके लिए मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन से बनाए गए वीडियो और अन्य डिजिटल रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पहचान होने के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अचानक हिंसा कैसे शुरू हुई और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका रही। अधिकारियों के अनुसार, पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

इस घटना के बाद प्रशासन ने प्रदर्शन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों ने कहा है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने या पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस बल तैनात है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।

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