नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को संबोधित करते हुए शिक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा आतंकवाद नक्सलवाद और विकास से जुड़े विषयों पर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसमें युवाओं विद्यार्थियों किसानों सैनिकों तथा आम नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राष्ट्रपति ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य और हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है। परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी विश्वसनीय और निष्पक्ष बनाने के लिए कई बड़े सुधार किए जा रहे हैं। नई तकनीकों और मजबूत निगरानी व्यवस्था के माध्यम से परीक्षाओं में अनियमितताओं को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि युवाओं को ऐसी परीक्षा व्यवस्था मिलनी चाहिए जिसमें उनकी मेहनत और योग्यता का सही मूल्यांकन हो। किसी भी विद्यार्थी का भविष्य व्यवस्था की कमियों या अनियमितताओं के कारण प्रभावित नहीं होना चाहिए। सरकार शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं में जवाबदेही बढ़ाने के साथ दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।
राष्ट्रपति ने सिंधु जल संधि को निलंबित किए जाने के निर्णय का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को पनाह और समर्थन देने वाले देश के साथ संधि को निलंबित करना राष्ट्रीय हित में उठाया गया निर्णायक कदम है। इस निर्णय का उद्देश्य देश के संसाधनों और हितों की रक्षा करना है। इससे विशेष रूप से भारतीय किसानों और कृषि क्षेत्र को लाभ मिलने की संभावना है।ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा करते हुए राष्ट्रपति ने भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और तकनीकी क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने साबित किया कि भारतीय सेना आतंकवादी नेटवर्क और उनके ठिकानों के खिलाफ सटीक हमला करने में सक्षम है। अभियान ने दुनिया को भारत की सैन्य शक्ति रणनीतिक स्पष्टता और आतंकवाद के खिलाफ अडिग संकल्प का संदेश दिया है।
राष्ट्रपति ने स्पष्ट कहा कि आतंकवादियों और उन्हें सहायता देने वालों को अपने कृत्यों का परिणाम भुगतना होगा। वे किसी भी स्थान पर छिपे हों भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा और राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि भारत शांति में विश्वास करता है लेकिन आतंकवाद के सामने कमजोरी नहीं दिखा सकता।द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने सेना की पेशेवर क्षमता के साथ रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की प्रगति को भी प्रदर्शित किया है। स्वदेशी हथियारों आधुनिक प्रणालियों और तकनीक ने भारत की सैन्य तैयारियों को मजबूत बनाया है। सेना के जवान कठिन परिस्थितियों में सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं और पूरा देश उनके साहस और बलिदान पर गर्व करता है।
राष्ट्रपति ने नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता को बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि देश को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में निर्णायक प्रगति हुई है। लंबे समय तक हिंसा और पिछड़ेपन का सामना करने वाले क्षेत्रों में अब शांति विकास और लोकतांत्रिक भागीदारी का वातावरण बन रहा है।उन्होंने बस्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि कभी नक्सली हिंसा के कारण चर्चा में रहने वाला यह क्षेत्र अब विकास और सांस्कृतिक भागीदारी के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। सड़क शिक्षा स्वास्थ्य संचार और रोजगार की सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। स्थानीय समुदायों की संस्कृति और परंपराओं को सम्मान देते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि बस्तर में तेजी से हो रहा विकास केवल आधारभूत संरचना का परिवर्तन नहीं है बल्कि यह लोगों के विश्वास और भविष्य में आए बदलाव का प्रतीक है। नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति स्थापित होने से बच्चों की शिक्षा युवाओं के रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर तैयार हुए हैं।देश 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस वर्ष समारोह में युवा शक्ति और वंदे मातरम् के 150 वर्ष प्रमुख विषय हैं।
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