Delhi दिल्ली सरकार ने मंगलवार को दिल्ली सचिवालय से चार 'मोबाइल नमो श्रमिक सेवा केंद्र वैन' को हरी झंडी दिखाई। ये वैन कंस्ट्रक्शन साइट्स, लेबर चौकों और शहर की दूसरी जगहों पर जाकर सीधे मज़दूरों का रजिस्ट्रेशन, रिन्यूअल और मज़दूर कल्याण से जुड़ी दूसरी सेवाएँ देंगी। 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत इन वैन को हरी झंडी दिखाने वालीं मंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस पहल का मकसद मज़दूरों को बार-बार सरकारी दफ़्तरों के चक्कर लगाने से बचाना और उनकी दिहाड़ी का नुकसान रोकना है। सरकार की योजना है कि आगे चलकर दिल्ली के सभी 13 ज़िलों में एक-एक मोबाइल वैन तैनात की जाए।
गुप्ता ने कहा, "मज़दूर दिल्ली के विकास की नींव हैं। अब उन्हें दफ़्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि सेवाएँ उनके दरवाज़े तक पहुँचेंगी।" ये मोबाइल सेंटर मौके पर ही रजिस्ट्रेशन और रिन्यूअल की सुविधा, कागज़ात में मदद, डिजिटल सेवाएँ और सरकार की अलग-अलग कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। साथ ही, मज़दूरों को आवेदन की प्रक्रिया और फ़ायदा उठाने के लिए ज़रूरी कागज़ात के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
यह पहल खास तौर पर उन मज़दूरों के लिए है जिन्हें काम से छुट्टी लेकर सरकारी दफ़्तर जाने में मुश्किल होती है। ये वैन कंस्ट्रक्शन साइट्स, लेबर चौकों और उन इलाकों में जाएँगी जहाँ कंस्ट्रक्शन मज़दूर काम करते हैं, ताकि वे अपने काम की जगह के पास ही रजिस्ट्रेशन से जुड़ी प्रक्रियाएँ पूरी कर सकें। सरकार का कहना है कि असली कंस्ट्रक्शन मज़दूरों का सही तरीके से रजिस्ट्रेशन एक चुनौती रही है, और बिना रजिस्ट्रेशन वाले मज़दूर अक्सर कल्याणकारी योजनाओं का फ़ायदा नहीं उठा पाते। मोबाइल सर्विस सेंटर इसी कमी को दूर करने और रजिस्टर्ड मज़दूरों को उपलब्ध फ़ायदों से जोड़ने के लिए शुरू किए गए हैं।
श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि इस पहल से मज़दूरों को जानकारी और सरकारी योजनाओं तक आसानी से पहुँच मिलेगी। मिश्रा ने कहा, "जानकारी या रजिस्ट्रेशन की कमी की वजह से दिल्ली का कोई भी मज़दूर सरकारी योजनाओं के फ़ायदे से वंचित नहीं रहेगा।" ये वैन कल्याणकारी योजनाओं के लिए आवेदन करने में भी मज़दूरों की मदद करेंगी और पात्रता व फ़ायदों के बारे में जानकारी देंगी।
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