नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश में आगामी शहरी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले राजनीतिक विवाद गहरा गया है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने चुनावी प्रक्रिया के दौरान अपने उम्मीदवारों के साथ कथित हिंसा, मारपीट और डराने-धमकाने की घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें नामांकन दाखिल करने की समय-सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया गया था। पार्टी का आरोप है कि कई इलाकों में उसके उम्मीदवारों को नामांकन केंद्रों तक पहुंचने से रोका गया, जिसके कारण वे चुनाव लड़ने के लिए जरूरी दस्तावेज जमा नहीं कर सके।सुप्रीम कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ इस मामले पर बुधवार, 21 अक्टूबर को सुनवाई करेगी। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना शामिल हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि 21 अक्टूबर को ही उम्मीदवारों के नाम वापस लेने की अंतिम तारीख है, जबकि मतदान 28 अक्टूबर को निर्धारित है।
हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने अपनी याचिका में कहा है कि चुनाव के दौरान हिंसा और धमकियों के कारण उसके कई उम्मीदवार नामांकन दाखिल नहीं कर पाए। पार्टी ने पहले आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट से नामांकन की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन 18 अक्टूबर को हाई कोर्ट की खंडपीठ ने यह अनुरोध खारिज कर दिया।अदालत ने माना था कि नामांकन की निर्धारित अवधि समाप्त हो चुकी है और इसे बढ़ाने से जारी चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। अब पार्टी ने इस आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया है।
चार शहरों में हिंसा और धमकाने का आरोप
वाईएसआरसीपी ने अपनी याचिका में पुंगनूर, रायचोटी, कडप्पा और तिरुपति में हुई कथित हिंसक घटनाओं का उल्लेख किया है। पार्टी के अनुसार, 16 अक्टूबर को नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद कई स्थानों पर उम्मीदवारों को धमकाया गया।पार्टी ने आरोप लगाया कि कडप्पा में एक उम्मीदवार के नामांकन पत्र छीनकर फाड़ दिए गए। वहीं तिरुपति में कई उम्मीदवारों को नामांकन केंद्रों तक पहुंचने से रोकने और उनके साथ मारपीट करने के आरोप लगाए गए हैं।तिरुपति के नौ उम्मीदवारों ने इन घटनाओं के समर्थन में हलफनामे भी प्रस्तुत किए हैं। पार्टी का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में उम्मीदवार स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से चुनाव प्रक्रिया में भाग नहीं ले सके।
अतिरिक्त नामांकन केंद्र और पुलिस सुरक्षा की मांग
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट से नामांकन की समय-सीमा बढ़ाने के साथ अतिरिक्त या वैकल्पिक नामांकन केंद्र स्थापित करने का निर्देश देने की मांग की है।इसके अलावा पार्टी ने अपने उम्मीदवारों को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की अपील भी की है, ताकि वे बिना किसी दबाव या भय के चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा ले सकें।पार्टी ने प्रभावित वार्डों में निर्विरोध निर्वाचित उम्मीदवारों की घोषणा पर भी रोक लगाने का अनुरोध किया है। उसका तर्क है कि जिन क्षेत्रों में उम्मीदवारों को कथित तौर पर नामांकन दाखिल करने से रोका गया, वहां निर्विरोध निर्वाचन घोषित करना उचित नहीं होगा।
नामांकन के दौरान कई जगह हुई झड़पें
आंध्र प्रदेश में निकाय चुनावों के नामांकन के दौरान सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्षी वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं के बीच कई स्थानों पर झड़पों की खबरें सामने आई हैं।कडप्पा, तिरुपति और अन्य क्षेत्रों में तनाव के चलते पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। कुछ स्थानों पर कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और टकराव की घटनाएं भी हुईं। हालांकि इन घटनाओं के लिए जिम्मेदारी तय करने और उम्मीदवारों को नामांकन से रोकने संबंधी आरोप न्यायिक जांच के विषय हैं।
21 अक्टूबर की सुनवाई पर टिकी निगाहें
वाईएसआरसीपी की ओर से महासचिव लेल्ला अप्पी रेड्डी ने विशेष अनुमति याचिका दाखिल की है। इसमें चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और उम्मीदवारों के अधिकारों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया है।अब सभी की निगाहें 21 अक्टूबर को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत के आदेश से यह स्पष्ट होगा कि नामांकन की समय-सीमा बढ़ाने या प्रभावित उम्मीदवारों को राहत देने की मांग पर क्या निर्णय लिया जाएगा।फिलहाल 28 अक्टूबर को मतदान निर्धारित है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई आगामी निकाय चुनावों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।