पूनम ढिल्लन की टीम पर आरोप CINTAA में इस्तीफों की झड़ी

Update: 2026-08-10 11:13 GMT
मुंबई : सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) में अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। संस्था की एग्जीक्यूटिव कमिटी के आठ सदस्यों ने अचानक अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। एक साथ इतने सदस्यों के इस्तीफे से मनोरंजन जगत में हलचल मच गई है। इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने संस्था के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अब उन्हें एसोसिएशन की कार्यप्रणाली पर भरोसा नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि संस्था का कामकाज अध्यक्ष पूनम ढिल्लन और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पद्मिनी कोल्हापुरे तथा एग्जीक्यूटिव कमिटी के कुछ अन्य सदस्यों तक सीमित होकर रह गया है।
CINTAA में हुए चुनाव के बाद कुल 11 सदस्यों को एग्जीक्यूटिव कमिटी में जिम्मेदारी मिली थी। अब इनमें से आठ सदस्यों के इस्तीफे की बात सामने आई है। इस्तीफा देने वालों में अभिनेता मुकेश ऋषि, हेमंत पांडे, साहिल चड्ढा, हेतल परमार, पुनीत इस्सर, विंदु दारा सिंह, दीपक पराशर और विकास वर्मा के नाम शामिल हैं। इन सदस्यों ने संस्था को एक पत्र देकर अपने फैसले की जानकारी दी है।
इस्तीफा देने वाले सदस्यों का कहना है कि CINTAA में फैसले लेने की प्रक्रिया में सभी सदस्यों से पर्याप्त सलाह-मशविरा नहीं किया जा रहा था। उनके मुताबिक संस्था के कामकाज में सामूहिक निर्णय लेने की प्रक्रिया कमजोर हुई है और कई फैसले सीमित लोगों के स्तर पर लिए जा रहे हैं। पत्र में अध्यक्ष पूनम ढिल्लन और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पद्मिनी कोल्हापुरे की कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
आरोपों में यह भी कहा गया है कि पूनम ढिल्लन ने कुछ महत्वपूर्ण फैसले कथित तौर पर बिना पर्याप्त परामर्श के लिए। इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने यह दावा भी किया कि कुछ आधिकारिक संदेश निजी ईमेल आईडी से भेजे गए। उनका कहना है कि ऐसे फैसलों में संस्था के अन्य सदस्यों के साथ पर्याप्त बातचीत नहीं की गई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों पर पूनम ढिल्लन या पद्मिनी कोल्हापुरे की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
CINTAA लंबे समय से फिल्म, टेलीविजन और मनोरंजन उद्योग से जुड़े कलाकारों के हितों से जुड़े मुद्दों को उठाने वाली प्रमुख संस्थाओं में शामिल रही है। कलाकारों के अधिकार, काम से जुड़ी समस्याएं, भुगतान और इंडस्ट्री में पेशेवर परिस्थितियों जैसे विषयों पर संस्था की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में एग्जीक्यूटिव कमिटी के आठ सदस्यों का इस्तीफा संस्था के लिए एक गंभीर घटनाक्रम माना जा रहा है।
इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने केवल अपने पद छोड़ने तक बात सीमित नहीं रखी, बल्कि दोबारा चुनाव कराने की मांग भी उठाई है। उनका मानना है कि संस्था में नए सिरे से चुनाव कराकर एग्जीक्यूटिव कमिटी का गठन किया जाना चाहिए, ताकि सदस्यों का विश्वास दोबारा कायम किया जा सके। अगर दोबारा चुनाव की प्रक्रिया शुरू होती है तो आने वाले दिनों में CINTAA के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
बताया गया है कि चुने गए 11 सदस्यों में से आठ के इस्तीफे की जानकारी की पुष्टि ANI ने भी की है। हालांकि, इस घटनाक्रम के बाद संस्था की आगे की कार्यप्रणाली और बाकी पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी संख्या में इस्तीफों के बाद एग्जीक्यूटिव कमिटी किस तरह काम करेगी और क्या नए सदस्यों के चयन के लिए चुनाव कराए जाएंगे।
फिलहाल CINTAA के भीतर सामने आए मतभेद ने फिल्म और टीवी इंडस्ट्री का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। एक तरफ इस्तीफा देने वाले सदस्य संस्था में पारदर्शिता और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया की जरूरत पर जोर दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मौजूदा नेतृत्व के सामने संगठन को स्थिर बनाए रखने की चुनौती है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की ओर से स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही यह पता चलेगा कि विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है।
इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ है कि CINTAA में फिलहाल सब कुछ सामान्य नहीं है। आठ सदस्यों का सामूहिक इस्तीफा और दोबारा चुनाव की मांग संस्था के भीतर गंभीर असहमति की ओर इशारा करती है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि CINTAA का मौजूदा नेतृत्व इन आरोपों पर क्या जवाब देता है और संस्था के भविष्य को लेकर क्या फैसला लिया जाता है।
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