मनोरंजन: अश्लील/आपत्तिजनक सामग्री: दिल्ली हाईकोर्ट ने ऐसी सामग्री को हटाने के लिए राहत देने की बात कही है और अभिनेत्री के वकीलों से ऐसे वेबपेजों की स्पष्ट सूची देने को कहा है।
फैन पेज: कोर्ट ने फैन क्लब, फैन पेज या आलोचनात्मक कंटेंट को सिर्फ इसलिए ब्लॉक करने से इनकार किया क्योंकि उसमें जाह्नवी का नाम या तस्वीर इस्तेमाल हुई है।
अभिव्यक्ति की आजादी: अदालत ने माना कि सार्वजनिक हस्तियों की प्रशंसा, आलोचना या मजाक भी ऑनलाइन अभिव्यक्ति का हिस्सा हो सकता है।
कॉपीराइट बनाम पर्सनालिटी राइट्स: किसी तस्वीर या कलाकृति पर उसके निर्माता का कॉपीराइट हो सकता है; केवल उसमें किसी सेलिब्रिटी की तस्वीर होने से हर बिक्री को उसके पर्सनालिटी राइट्स का उल्लंघन नहीं माना जा सकता।
AI कंटेंट: सुनवाई में AI-generated images और प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी को लेकर भी बहस हुई।
अगली सुनवाई: दी गई जानकारी के अनुसार मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होनी है।
सीधी बात: कोर्ट ने जाह्नवी को आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री के खिलाफ सुरक्षा देने का रास्ता खुला रखा है, लेकिन उनके नाम/तस्वीर से जुड़े हर अनधिकृत या फैन-निर्मित कंटेंट को हटाने का व्यापक अधिकार स्वीकार नहीं किया।