मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन की मुंबई के जुहू इलाके में स्थित एक प्रॉपर्टी पर बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने कार्रवाई की है। नगर निगम ने कथित तौर पर बिना अनुमति किए गए निर्माण कार्य के चलते प्रॉपर्टी के कुछ हिस्सों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद अभिनेता की टीम ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि संबंधित प्रॉपर्टी अजय देवगन का निजी आवास नहीं है, बल्कि एक अलग संपत्ति है, जिसे किराए पर दिया गया है। टीम ने यह भी दावा किया कि नगर निगम के सभी नियमों और दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है तथा BMC द्वारा बताए गए आवश्यक बदलाव पूरे कर दिए गए हैं।
जुहू स्थित प्रॉपर्टी पर BMC ने की तोड़फोड़
जानकारी के अनुसार, मुंबई के जुहू स्थित कपोल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में अजय देवगन से संबंधित एक संपत्ति में निर्माण और आंतरिक बदलाव किए जा रहे थे।BMC अधिकारियों का आरोप है कि प्रॉपर्टी के भीतर विभाजन दीवारें बनाने, खिड़कियों में बदलाव करने और अन्य निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी।नगर निगम ने इन गतिविधियों को नियमों के विपरीत बताते हुए कार्रवाई की। रिपोर्ट के अनुसार, 12 अक्टूबर को संबंधित संपत्ति के कुछ हिस्सों को ध्वस्त किया गया था।हालांकि, इस कार्रवाई में कितने क्षेत्रफल का निर्माण हटाया गया और कुल कितना नुकसान हुआ, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।
अभिनेता की टीम ने कहा- यह अजय देवगन का घर नहीं
BMC की कार्रवाई के बाद अजय देवगन के कार्यालय ने बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की।टीम ने कहा कि जिस प्रॉपर्टी को लेकर खबरें सामने आ रही हैं, वह अभिनेता का निजी निवास नहीं है। यह अलग संपत्ति है, जिसे किराए पर दिया गया है।बयान के अनुसार, संबंधित प्रॉपर्टी के लिए नगर निगम से आवश्यक अनुमतियां मांगी गई हैं और सभी लागू नियमों का पालन किया जा रहा है।अभिनेता की टीम ने कहा कि BMC की मांग के अनुसार जरूरी बदलाव और सुधार किए जा चुके हैं।इस स्पष्टीकरण के माध्यम से टीम ने अभिनेता के निजी आवास और किराए पर दी गई संपत्ति के बीच अंतर स्पष्ट किया है।
सैलून कंपनी को किराए पर दी गई थी संपत्ति
रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित संपत्ति फ्लोरियन ह्यूरेल सैलून प्राइवेट लिमिटेड को किराए पर दी गई थी।बताया गया कि कंपनी प्रॉपर्टी में आंतरिक बदलाव कर रही थी। इनमें विभाजन दीवारों का निर्माण, खिड़कियों की स्थापना और अन्य निर्माण संबंधी कार्य शामिल थे।BMC का आरोप है कि ये काम आवश्यक नगर निगम अनुमति के बिना किए जा रहे थे।अधिकारियों के अनुसार, बिना स्वीकृति निर्माण करना नियमों का उल्लंघन है और ऐसी स्थिति में नगर निगम को कार्रवाई करने का अधिकार है।
सितंबर में जारी किया गया था नोटिस
नगर निगम की ओर से निर्माण संबंधी अनियमितताओं को लेकर पहले भी नोटिस जारी किया गया था।रिपोर्ट के मुताबिक, BMC ने 10 सितंबर 2026 को मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा 354A के तहत निर्माण कार्य रोकने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का नोटिस दिया था।इसके बाद 6 अक्टूबर को भी निर्माण कार्य से संबंधित निर्देश दिए गए।नगर निगम का आरोप है कि नोटिस के बावजूद नियमों के अनुरूप आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। इसके चलते बाद में निर्माण के कुछ हिस्सों को हटाने की कार्रवाई की गई।
BMC के सभी नियमों का पालन करने का दावा
अजय देवगन की टीम ने अपने बयान में यह स्पष्ट किया कि वह नगर निगम के साथ सहयोग कर रही है।टीम के अनुसार, संबंधित संपत्ति के लिए आवश्यक अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया अपनाई गई है। इसके अलावा नगर निगम द्वारा बताए गए सुधार भी कर दिए गए हैं।अभिनेता के कार्यालय ने कहा कि BMC के नियमों, कानूनों और दिशानिर्देशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है।हालांकि, नगर निगम के आरोपों और अभिनेता की टीम के स्पष्टीकरण के बीच निर्माण की अनुमति तथा अनुपालन की वास्तविक स्थिति संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों से ही स्पष्ट होगी।
मुंबई में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई
मुंबई में निर्माण कार्यों के लिए नगर निगम की निर्धारित मंजूरी और भवन संबंधी नियमों का पालन करना आवश्यक होता है।किसी भी संपत्ति में संरचनात्मक बदलाव, अतिरिक्त निर्माण या अन्य महत्वपूर्ण परिवर्तन करने के लिए संबंधित प्रावधानों के अनुसार अनुमति की जरूरत हो सकती है।बिना अनुमति निर्माण किए जाने की शिकायत मिलने पर नगर निगम निरीक्षण करता है और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर नोटिस तथा अन्य कानूनी कार्रवाई कर सकता है।जुहू स्थित संपत्ति पर हुई कार्रवाई को भी BMC ने कथित अनधिकृत निर्माण से जुड़ा मामला बताया है।
अजय देवगन के स्पष्टीकरण के बाद स्थिति हुई स्पष्ट
अजय देवगन की प्रॉपर्टी पर हुई तोड़फोड़ की खबर सामने आने के बाद अभिनेता के निजी आवास को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।हालांकि, उनके कार्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि जिस संपत्ति पर कार्रवाई हुई है, वह उनका निजी निवास नहीं है।टीम ने यह भी दावा किया है कि नगर निगम के निर्देशों के अनुसार आवश्यक बदलाव कर दिए गए हैं।फिलहाल यह मामला संपत्ति में कथित अनधिकृत निर्माण, नगर निगम की कार्रवाई और आवश्यक अनुमतियों के पालन से संबंधित है। आगे की स्थिति BMC की समीक्षा और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर स्पष्ट होगी।
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