मुंबई। बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के मशहूर अभिनेता प्रकाश राज अपनी दमदार एक्टिंग के साथ बेबाक राजनीतिक विचारों के लिए भी जाने जाते हैं। वह अक्सर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते हैं। लेकिन अब उनकी पत्नी और मशहूर कोरियोग्राफर पोनी वर्मा ने अभिनेता की निजी जिंदगी और करियर को लेकर कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर बोलने के कारण प्रकाश राज को फिल्म इंडस्ट्री में काफी नुकसान उठाना पड़ा है। कई फिल्मों से उन्हें बाहर कर दिया गया, जबकि कुछ निर्माताओं ने एडवांस भुगतान करने के बाद भी प्रोजेक्ट से हाथ खींच लिए। इतना ही नहीं, उनके हाथ से कई विज्ञापन भी निकल गए। पोनी वर्मा ने बताया कि इन परिस्थितियों के बावजूद प्रकाश राज ने अपने विचार व्यक्त करना बंद नहीं किया। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या ने अभिनेता को अंदर तक झकझोर दिया था और इसके बाद वह सामाजिक मुद्दों पर और मुखर हो गए।
पत्नी पोनी वर्मा ने किया चौंकाने वाला खुलासा
हाल ही में 'प्रेमा द जर्नलिस्ट' को दिए इंटरव्यू में पोनी वर्मा ने अपने पति प्रकाश राज के राजनीतिक विचारों और उससे जुड़ी चुनौतियों पर खुलकर बातचीत की।उन्होंने बताया कि शुरुआत में वह प्रकाश राज के सार्वजनिक बयानों को लेकर काफी चिंतित रहती थीं।उन्हें डर रहता था कि राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर लगातार खुलकर बोलने से उनके पति की सुरक्षा और करियर प्रभावित हो सकता है।पोनी के अनुसार, वह कई बार प्रकाश राज को समझाने का प्रयास करती थीं, लेकिन अभिनेता अपने विचारों पर कायम रहते थे।उन्होंने बताया कि समय के साथ वह भी प्रकाश राज के फैसलों को बेहतर ढंग से समझने लगीं।पोनी ने कहा कि उनके पति अपने सिद्धांतों के आधार पर निर्णय लेते हैं और किसी मुद्दे पर असहमति होने पर उसे व्यक्त करने से पीछे नहीं हटते।
एडवांस देने के बाद भी फिल्मों से किया बाहर
पोनी वर्मा ने इंटरव्यू में दावा किया कि प्रकाश राज को उनके राजनीतिक विचारों की वजह से कई फिल्मी प्रोजेक्ट छोड़ने पड़े।उनके मुताबिक, कुछ फिल्म निर्माताओं ने अभिनेता को काम देने और एडवांस भुगतान करने के बाद भी अपना फैसला बदल लिया।उन्होंने यह भी कहा कि प्रकाश राज के हाथ से विज्ञापन से जुड़े कई अवसर निकल गए।पोनी के अनुसार, इन घटनाओं के कारण अभिनेता को पेशेवर और आर्थिक स्तर पर नुकसान उठाना पड़ा।हालांकि, उन्होंने इस दौरान उन फिल्मों, विज्ञापनों या निर्माताओं के नाम सार्वजनिक नहीं किए, जिनसे प्रकाश राज को कथित तौर पर बाहर किया गया था।इसलिए इन दावों को फिलहाल पोनी वर्मा के व्यक्तिगत अनुभव और बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।प्रकाश राज की पत्नी का कहना है कि इतने नुकसान के बावजूद अभिनेता ने अपने विचार बदलने का फैसला नहीं किया।
गौरी लंकेश की हत्या से टूट गए थे प्रकाश राज
इंटरव्यू के दौरान पोनी वर्मा ने पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता गौरी लंकेश का भी जिक्र किया।गौरी लंकेश की सितंबर 2017 में बेंगलुरु स्थित उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।वह प्रकाश राज की करीबी मित्र थीं और दोनों एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे।पोनी ने बताया कि गौरी लंकेश की हत्या की खबर मिलने पर प्रकाश राज बेहद दुखी हो गए थे।उनके अनुसार, प्रकाश राज पहले भी गौरी की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते थे।इस घटना ने अभिनेता के जीवन पर गहरा प्रभाव डाला।पोनी ने बताया कि गौरी लंकेश की हत्या के बाद प्रकाश राज ने सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी आवाज और मजबूती से उठाने का निर्णय लिया।इसके बाद वह विभिन्न सार्वजनिक मंचों पर अपनी राय व्यक्त करते रहे।
डर के बावजूद नहीं बदला अपना रास्ता
पोनी वर्मा के अनुसार, गौरी लंकेश की हत्या के बाद उन्हें अपने पति की सुरक्षा को लेकर और अधिक चिंता होने लगी थी।हालांकि, प्रकाश राज का मानना था कि डर के कारण हमेशा चुप नहीं रहा जा सकता।पोनी ने बताया कि अभिनेता अपने विचारों पर पूरे विश्वास के साथ कायम रहते हैं।उन्होंने यह भी कहा कि प्रकाश राज को तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में पहले भी काम से संबंधित प्रतिबंधों जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था।इसके बावजूद उन्होंने अपनी पेशेवर और सार्वजनिक गतिविधियां जारी रखीं।पोनी के अनुसार, उनके पति के लिए व्यक्तिगत सिद्धांत और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखने का अधिकार महत्वपूर्ण है।
फिल्म इंडस्ट्री में भी प्रभावित हुए रिश्ते
प्रकाश राज के राजनीतिक विचारों का असर केवल उनके काम तक सीमित नहीं रहा।पोनी वर्मा ने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में उनके कुछ करीबी दोस्त भी प्रकाश राज की राय से सहमत नहीं हैं।उन्होंने कहा कि वह किसी पर अपने पति के विचार स्वीकार करने का दबाव नहीं डालतीं।हर व्यक्ति को अपनी राय रखने का अधिकार है और लोगों के बीच राजनीतिक असहमति होना स्वाभाविक है।पोनी का कहना है कि इन मतभेदों के बावजूद व्यक्तिगत सम्मान बनाए रखना जरूरी है।उन्होंने बताया कि प्रकाश राज से असहमत लोग भी उनके अभिनय की प्रशंसा कर सकते हैं।इसी तरह अभिनेता भी अलग राय रखने वाले लोगों से सामान्य संबंध बनाए रख सकते हैं।
छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होने का भी किया जिक्र
पोनी वर्मा ने उस घटना का भी उल्लेख किया, जब प्रकाश राज ने नीट परीक्षा से जुड़े विवाद के बाद छात्रों के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था।उन्होंने बताया कि अभिनेता दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पहुंचे थे।पोनी के अनुसार, उस दौरान प्रदर्शन की परिस्थितियों और सुरक्षा को लेकर वह चिंतित थीं।उन्होंने प्रकाश राज को रात के समय होटल में रुकने का सुझाव दिया था।लेकिन अभिनेता ने प्रदर्शन स्थल पर छात्रों के साथ रहने का निर्णय लिया।पोनी ने बताया कि प्रकाश राज शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे मानते हैं।वह चाहते हैं कि इन विषयों पर अधिक सार्वजनिक चर्चा हो।हालांकि, विरोध प्रदर्शनों और उनसे जुड़े राजनीतिक आरोपों पर विभिन्न पक्षों की अलग-अलग राय हो सकती है।
धार्मिक मान्यताओं में भी अलग हैं दोनों
इंटरव्यू में पोनी वर्मा ने अपनी और प्रकाश राज की धार्मिक मान्यताओं के बारे में भी बातचीत की।उन्होंने बताया कि वह धार्मिक हैं और मंदिर जाना पसंद करती हैं, जबकि प्रकाश राज खुद को नास्तिक मानते हैं।इसके बावजूद दोनों एक-दूसरे की आस्था और व्यक्तिगत चुनाव का सम्मान करते हैं।उन्होंने बताया कि उनके परिवार में अलग-अलग धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाता रहा है।घर में दिवाली और क्रिसमस जैसे त्योहार भी उत्साह के साथ मनाए जाते हैं।पोनी का कहना है कि विचारों में अंतर होने के बावजूद परिवार में आपसी सम्मान बना रह सकता है।
फिल्मों में निभा चुके हैं यादगार किरदार
प्रकाश राज भारतीय सिनेमा के चर्चित चरित्र अभिनेताओं में शामिल हैं।उन्होंने हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में काम किया है।बॉलीवुड में वह 'सिंघम', 'वांटेड' और 'दबंग 2' जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए जाने जाते हैं।विशेष रूप से नकारात्मक और प्रभावशाली चरित्रों के अभिनय के कारण उन्हें दर्शकों के बीच अलग पहचान मिली।उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित पुरस्कार भी हासिल किए हैं।अभिनय के अलावा वह निर्देशन और निर्माण से भी जुड़े रहे हैं।हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में उनके राजनीतिक बयानों ने भी काफी सार्वजनिक चर्चा बटोरी है।
राजनीतिक मुद्दों पर लगातार रखते हैं राय
प्रकाश राज सोशल मीडिया पर 'Just Asking' अभियान के जरिए सरकार और सार्वजनिक संस्थाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सवाल उठाते रहे हैं।उनके बयान अक्सर समर्थन और आलोचना दोनों का विषय बनते हैं।अक्टूबर 2026 की शुरुआत में उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी अपनी आपत्तियां व्यक्त की थीं।उन्होंने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कुछ निर्णयों पर सवाल उठाए थे।हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोपों को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। संबंधित संस्थाओं और अन्य पक्षों के अपने स्पष्टीकरण तथा दृष्टिकोण हैं।
करियर में नुकसान के बावजूद कायम हैं अपने विचारों पर
पोनी वर्मा के ताजा बयान के बाद प्रकाश राज के पेशेवर जीवन और उनकी सार्वजनिक गतिविधियों पर फिर चर्चा शुरू हो गई है।पोनी का दावा है कि राजनीतिक विचार व्यक्त करने के कारण अभिनेता को फिल्मों और विज्ञापनों से जुड़े कई अवसर गंवाने पड़े।हालांकि, इस नुकसान की कुल आर्थिक राशि या प्रभावित परियोजनाओं की प्रमाणित सूची सामने नहीं आई है।प्रकाश राज पहले भी कह चुके हैं कि वह अपने व्यक्तिगत सिद्धांतों के आधार पर काम और सार्वजनिक जीवन से जुड़े फैसले लेते हैं।उनकी पत्नी के अनुसार, अभिनेता असहमतियों और आलोचनाओं के बावजूद अपने विचारों पर कायम रहने का निर्णय लेते रहे हैं।इस इंटरव्यू ने एक बार फिर फिल्म कलाकारों के सार्वजनिक विचारों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पेशेवर जीवन पर उनके संभावित प्रभाव को लेकर चर्चा को सामने ला दिया है।
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