मुंबई : बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल की आगामी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ का ट्रेलर मंगलवार को रिलीज कर दिया गया। ट्रेलर सामने आते ही फिल्म को दर्शकों की ओर से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। देश के विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित इस फिल्म में सनी देओल और शबाना आजमी की जोड़ी नजर आने वाली है। ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम के दौरान फिल्म से जुड़े कई भावुक किस्से सामने आए, जहां सनी देओल और शबाना आजमी दोनों ही भावुक हो गए।
ट्रेलर लॉन्च के दौरान सनी देओल ने शबाना आजमी के साथ काम करने के अपने अनुभव को साझा किया। उन्होंने कहा कि शबाना आजमी के साथ पहली बार काम करने के बावजूद उन्हें ऐसा महसूस नहीं हुआ कि वे अभिनय कर रहे हैं। सनी ने कहा कि दोनों के बीच का रिश्ता फिल्म में मां और बेटे जैसा महसूस हुआ। उन्होंने बताया कि फिल्म की कहानी और भावनाएं इतनी मजबूत हैं कि शूटिंग के दौरान कई पल बेहद खास बन गए।
सनी देओल ने कहा कि वह इस फिल्म को अपनी मां और दुनिया की सभी माताओं को समर्पित करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि फिल्म में रिश्तों, दर्द और भावनाओं को बेहद गहराई से दिखाया गया है। विभाजन के दौर की त्रासदी और इंसानी रिश्तों की मजबूती इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत है।
वहीं, शबाना आजमी ने फिल्म के एक बेहद मुश्किल और दर्दनाक सीन का जिक्र किया। इस दौरान वह भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि फिल्म में एक ऐसा दृश्य था, जिसमें उनके किरदार के साथ बहुत अपमानजनक व्यवहार किया जाता है। शबाना ने कहा कि उस सीन को निभाते समय उन्हें एक इंसान के तौर पर बेहद कमजोर और असहाय महसूस हुआ।
उन्होंने बताया कि ट्रेलर में भी उस दृश्य की एक झलक दिखाई गई है, जिसमें विलेन उनके किरदार को घसीटता है और उनके कपड़े फाड़ देता है। शबाना आजमी ने कहा कि उस समय सनी देओल ने जिस तरह उनकी मदद की, वह उनके लिए सिर्फ फिल्म का हिस्सा नहीं था, बल्कि एक व्यक्तिगत भावनात्मक पल था।
शबाना ने कहा कि सीन खत्म होने के बाद सनी देओल उनके पास आए और उन्होंने उनके ऊपर दुपट्टा रखा। उन्होंने कहा कि उस वक्त सनी उनके किरदार के लिए नहीं बल्कि असल जिंदगी में उनके प्रोटेक्टर बन गए थे। शबाना ने बताया कि उन्होंने सनी को गले लगाकर धन्यवाद दिया और कहा कि अच्छा हुआ कि उस समय वह वहां मौजूद थे।
फिल्म के निर्देशक राजकुमार संतोषी ने भी इस दौरान फिल्म के बनने की लंबी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ‘बंटवारा 1947’ को बनाने का सपना काफी पुराना है और इसे पूरा करने में करीब डेढ़ दशक से ज्यादा समय लग गया। संतोषी ने कहा कि उन्होंने साल 2009 में एक नाटक पढ़ा था, जिसके बाद इस कहानी पर फिल्म बनाने का विचार आया।
उन्होंने बताया कि साल 2010 से वह इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने सनी देओल को कहानी सुनाई और अभिनेता भी इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी उत्साहित हुए। हालांकि फिल्म को बनाने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा और सही सहयोग मिलने में समय लगा।
‘बंटवारा 1947’ भारत के विभाजन के दौर की भावनात्मक कहानी को पर्दे पर पेश करेगी। फिल्म में उस समय के संघर्ष, दर्द, रिश्तों और इंसानी संवेदनाओं को दिखाने की कोशिश की गई है। सनी देओल और शबाना आजमी जैसे अनुभवी कलाकारों की मौजूदगी से फिल्म को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बढ़ गई है।
ट्रेलर में दिखाए गए भावनात्मक दृश्यों और कलाकारों के दमदार अभिनय ने फिल्म के प्रति उम्मीदें बढ़ा दी हैं। अब दर्शकों को फिल्म की रिलीज का इंतजार है, ताकि वे बड़े पर्दे पर विभाजन की इस मार्मिक कहानी को देख सकें।